झारखंड: कड़े पहरे में J-TET परीक्षा, रांची में 3 हजार जवान

10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 5.65 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा; राजधानी के 101 केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू, कदाचार अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।

रांची: झारखंड में बहुप्रतीक्षित शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) रविवार को अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंधों और प्रशासनिक सतर्कता के बीच आयोजित की जा रही है।

करीब एक दशक के लंबे अंतराल के बाद हो रही इस राज्यव्यापी परीक्षा को पारदर्शी, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त संपन्न कराने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन ने कड़ा पहरा लगा रखा है। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष रूप से राजधानी रांची में JTET Exam 2026 Security व्यवस्था के तहत लगभग 3,000 सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही शांति व्यवस्था और नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी केंद्रों की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (निषेधाज्ञा/धारा 144) प्रभावी कर दी गई है।

J-TET: 10 साल का लंबा इंतजार, 5.65 लाख से अधिक अभ्यर्थी मैदान में

झारखंड के 24 जिलों में आयोजित इस शिक्षक पात्रता परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए राज्यभर से 5,65,916 अभ्यर्थियों ने अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की योग्यता हासिल करने के उद्देश्य से युवा वर्षों से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे थे।

परीक्षार्थियों की विशाल संख्या को सुगमता से संभालने के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्यभर में कुल 986 परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। केंद्रों पर प्रातःकाल से ही परीक्षार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय बायोमेट्रिक पहचान, सघन फ्रिस्किंग (शारीरिक जांच) और प्रवेश पत्रों के सूक्ष्म सत्यापन की त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू की गई, ताकि किसी भी मुन्नाभाई या फर्जी परीक्षार्थी की घुसपैठ को पूरी तरह रोका जा सके।

J-TET: राजधानी के 101 केंद्रों पर धारा 144, 200 मीटर का नो-एंट्री जोन

राजधानी रांची में कुल 101 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लाखों परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे हैं। जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सभी 101 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश सुबह 6:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक पूर्ण रूप से प्रभावी रहेगा।

निषेधाज्ञा के तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग, अवैध पार्किंग और अनावश्यक मजमा लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके अलावा केंद्रों के निकटवर्ती फोटोकॉपी की दुकानों, साइबर कैफे और कोचिंग संस्थानों पर पुलिस की विशेष खुफिया टीम नजर बनाए हुए है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील चिन्हित किए गए केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और स्टैटिक दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

J-TET: दो पालियों में परीक्षा: इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण पाबंदी

J-TET परीक्षा दो अलग-अलग पालियों में आयोजित की गई। प्रथम पाली की परीक्षा पूर्वाह्न में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई, जबकि द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक संचालित की जा रही है।

परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, डिजिटल कैलकुलेटर, ईयरफोन और चिट-पुर्जे ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यहां तक कि परीक्षार्थियों को सामान्य पेन भी जांच के बाद ही ले जाने की अनुमति मिली। सभी परीक्षा हॉलों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे लाइव वेबकास्टिंग और मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रश्नपत्रों की सीलिंग, सुरक्षा और उनके सुरक्षित परिवहन के लिए जीपीएस ट्रैकर युक्त वाहनों और सुरक्षा एस्कॉर्ट का उपयोग किया गया।

सख्त प्रतियोगी परीक्षा कानून: कदाचार पर सीधे जेल की तैयारी

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य संवारने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि परीक्षा में किसी भी स्तर पर अनुचित साधनों के प्रयोग, नकल कराने, प्रश्नपत्र लीक करने अथवा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध ‘झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण) अधिनियम, 2023’ के कड़े प्रावधानों के तहत गैर-जमानती धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। जिला नियंत्रण कक्ष से राज्य के सभी 986 केंद्रों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग जारी है, ताकि परीक्षा निर्विवाद रूप से संपन्न हो सके।

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