बंद खदानों पर हेमंत सरकार का बड़ा एक्शन प्लान, अवैध खनन रोकने के लिए भी सख्त निर्देश

CM हेमंत सोरेन ने खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा बैठक में 62 बंद कोयला खनन पट्टों की समीक्षा, दोबारा नीलामी और अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश दिए।

झारखंड में 62 बंद कोयला खनन पट्टों पर कार्रवाई की तैयारी, CM हेमंत सोरेन ने दिए रद्द कर दोबारा नीलामी के निर्देश

रांची: झारखंड में बंद पड़ी खदानों और अवैध खनन पर राज्य सरकार सख्ती की तैयारी में है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को खान एवं भूतत्व विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें राज्य के खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, राजस्व बढ़ाने, बंद खनन पट्टों की समीक्षा और अवैध खनन पर रोक लगाने को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि राज्य में आवंटित कुल 165 कोयला खनन पट्टों में से करीब 62 बंद पड़े हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसे बंद पट्टों की समीक्षा कर नियमानुसार उन्हें रद्द करने और दोबारा नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, खान सचिव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

62 बंद कोयला पट्टों की होगी समीक्षा, नई नीलामी पर जोर

बैठक में राज्य के कोयला ब्लॉकों की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 165 आवंटित खनन पट्टों में से लगभग 62 का संचालन बंद है। इनमें BCCL, CCL और ECL सहित अन्य कंपनियों को आवंटित पट्टे शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बंद पड़े पट्टों की समीक्षा की जाए। जो कंपनियां नियमानुसार खनन कार्य शुरू करने में रुचि नहीं दिखा रही हैं, उनके पट्टों को नियमों के तहत रद्द कर नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाए।

इसके अलावा लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर, ग्रेनाइट और सोने के खनिज ब्लॉकों के अन्वेषण तथा नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। MMDR अधिनियम लागू होने से पहले के ऐसे खनन पट्टों की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया, जिनमें पट्टाधारी खनन शुरू करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

बालू घाटों की नीलामी और अवैध उठाव पर सख्ती

बैठक में बालू की उपलब्धता और बालू घाटों के संचालन का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि द्वितीय श्रेणी के कुल 444 बालू घाटों में से लगभग 300 की नीलामी जिला स्तर पर पूरी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने झारखंड बालू खनन नियमावली के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही मानसून अवधि यानी 10 जून से 15 अक्टूबर के दौरान बालू घाटों से अवैध उठाव पर रोक लगाने के लिए उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया।

अवैध खनन और परिवहन पर निगरानी मजबूत करने के लिए प्रमुख निकास मार्गों पर चेकनाका और CCTV कैमरे लगाने को कहा गया। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों की विधिक और वैज्ञानिक समीक्षा कर उचित कदम उठाने तथा जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की नियमित बैठकें सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।

JSMDC और JEMCL को मजबूत करने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की अनुषंगी इकाइयों झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) और JEMCL को अधिक मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।

बैठक में पन्ना के लिए चिह्नित खनिज ब्लॉक को JSMDC या JEMCL के लिए सुरक्षित रखने के संबंध में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।

इसके साथ ही जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) फंड का बेहतर इस्तेमाल करने और खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए ठोस योजनाएं तैयार करने को कहा गया।

खनिज संपदा के बेहतर इस्तेमाल और राजस्व वृद्धि पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने राज्य के खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक और टिकाऊ दोहन पर जोर दिया। सरकार का उद्देश्य खनन गतिविधियों को व्यवस्थित करने के साथ राजस्व में वृद्धि करना और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को गति देना है।

बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन से बंद खनन पट्टों, बालू घाटों के संचालन और अवैध खनन पर नियंत्रण को लेकर आने वाले दिनों में कार्रवाई की उम्मीद है।

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