निशा भगत की मौत पर सियासी घमासान तेज, BJP की CBI जांच की मांग पर JMM-कांग्रेस का पलटवार
रांची: झारखंड में आदिवासी समुदाय के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहीं निशा भगत की मौत का मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) जहां इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग कर रही है, वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस ने भाजपा के इस रुख पर सवाल उठाए हैं। दोनों दलों ने घटना को दुखद बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
इस मामले में भाजपा लगातार पुलिस की जांच और घटना से जुड़े तथ्यों पर सवाल उठा रही है। वहीं, JMM और कांग्रेस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए।
JMM प्रवक्ता बोले- विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने निशा भगत की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि निशा भगत आदिवासी समाज और झारखंड की बेटी थीं। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को सरकार और राजनीतिक नेताओं की नीतियों का विरोध करने का अधिकार है। निशा भगत भी सरकार और उसके नेताओं की नीतियों का विरोध करती थीं।
मनोज पांडेय ने कहा कि किसी भी सरकार या राजनीतिक दल के खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच चल रही है और झारखंड पुलिस जांच के बाद परिस्थितियों को स्पष्ट करेगी।
उनके मुताबिक, जांच में जिस किसी की भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस ने BJP की CBI जांच की मांग पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस ने भी निशा भगत की मौत को दुखद बताया, लेकिन भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों और CBI जांच की मांग पर आपत्ति जताई है।
कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व सांसद समीर उरांव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए CBI जांच की मांग करना मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश है।
राकेश सिन्हा ने भाजपा प्रवक्ता अभय सिंह के भाई के असामयिक निधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे दुखद समय में संबंधित परिवार के प्रति संवेदना जताना भी जरूरी है। कांग्रेस नेता ने भाजपा को संवेदनशील घटनाओं को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाने से बचने की नसीहत दी।
अंकिता भंडारी मामले का जिक्र कर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने इस दौरान उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में भाजपा की नहीं, बल्कि महागठबंधन की सरकार है।
उन्होंने दावा किया कि निशा भगत की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच होगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें
निशा भगत की मौत को लेकर भाजपा जहां CBI जांच की मांग पर कायम है, वहीं JMM और कांग्रेस पुलिस की जांच पर भरोसा जताते हुए राजनीतिक बयानबाजी से बचने की बात कह रहे हैं। ऐसे में अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और उससे सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।
फिलहाल, मौत की परिस्थितियों और किसी संभावित जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
