पटना: Bihar के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के औद्योगिक कायाकल्प को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बिहार में डिफेंस कॉरिडोर (Defense Corridor) का निर्माण कराया जाएगा, जो राज्य की औद्योगिक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा करेगा।
Bihar News: रक्षा विशेषज्ञों के साथ उच्चस्तरीय बैठक
उपमुख्यमंत्री ने यह जानकारी पटना स्थित अपने आवासीय कार्यालय में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के वरिष्ठ अधिकारियों और रक्षा मंत्रालय के विशेषज्ञों के साथ मुलाकात के बाद दी।
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विस्तृत चर्चा: बैठक में प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर की संभावनाओं, इसके सामरिक महत्व और विकास से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर गहन मंथन किया गया।
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सामरिक विकास: सम्राट चौधरी ने इस पहल को बिहार के औद्योगिक और सामरिक विकास की दिशा में एक ‘मील का पत्थर’ बताया।
Bihar News: नौकरी और रोजगार का ‘मेगा टारगेट’
युवाओं को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने सरकार के भविष्य के रोडमैप को साझा किया:
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बीते 5 साल की उपलब्धि: उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 50 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया है।
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अगला लक्ष्य: सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ नौकरी और रोजगार देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
गया बनेगा विकास का नया केंद्र
डिफेंस कॉरिडोर के साथ-साथ राज्य के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है:
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डोभी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर: गया जिले के डोभी क्षेत्र में एक विशाल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है।
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औद्योगिक हब: यह क्षेत्र आने वाले समय में दक्षिण बिहार के विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहाँ रक्षा उत्पादन से लेकर अन्य तकनीकी इकाइयां स्थापित होंगी।
“डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण से बिहार अब केवल श्रम शक्ति ही नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन और उन्नत तकनीकी क्षेत्र में भी अपनी वैश्विक पहचान बनाएगा। हम युवाओं को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
— सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री, बिहार
बिहार डिफेंस कॉरिडोर की मुख्य विशेषताएं
| क्षेत्र | फोकस | प्रभाव |
| स्थान | गया (डोभी) व अन्य चिन्हित क्षेत्र | दक्षिण बिहार का औद्योगिक विकास |
| उत्पादन | रक्षा उपकरण व कलपुर्जे | राज्य की सामरिक शक्ति में वृद्धि |
| रोजगार | लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष काम | पलायन पर रोक और आर्थिक मजबूती |
| तकनीक | डिफेंस टेक्नोलॉजी | रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा |
