चंडीगढ़: Operation Sindoor: हरियाणा में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क के खुलासे से सुरक्षा एजेंसियों और सरकार में हड़कंप मच गया है।
पिछले कुछ दिनों में राज्य से चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं — एक यूट्यूबर बताई जा रही हैं। इन सभी पर पाकिस्तान के दिल्ली स्थित उच्चायोग में कार्यरत अधिकारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से संपर्क में रहने का आरोप है। मामला खुफिया एजेंसियों और पुलिस की गहन जांच के दायरे में है।
Operation Sindoor: मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक, यूट्यूबर्स पर लगाम की तैयारी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस गंभीर घटनाक्रम को लेकर 20 मई को एक आपात बैठक बुलाई है, जिसमें मंत्री, विधायक, पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में इस बात पर मंथन किया जाएगा कि कैसे ऐसे जासूसी नेटवर्क राज्य की निगाहों से बाहर रह गए।
इसके अलावा चर्चा का एक अहम विषय यूट्यूबरों की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, सरकार अब यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी पत्रकारों की तरह नियम और आचार संहिता लागू करने पर विचार कर रही है।
पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि “यह समय है जब हम डिजिटल मीडिया के दायरे में आने वाले लोगों के लिए भी जवाबदेही तय करें।”
Operation Sindoor: आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और उसका असर
इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में हाल ही में भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को देखा जा रहा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब भारतीय सेना ने मात्र तीन घंटे में दिया। सीएम सैनी ने कहा —
“जिस मिट्टी से आतंकवाद जन्म लेता है, उसे हमारे जवानों ने मिट्टी में मिला दिया है। अब कोई माफ नहीं होगा।”
राज्य पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने भी माना कि “ये जासूस पहले से मौजूद थे, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद इनकी स्लीपर सेल्स सक्रिय हुईं और इस कारण ये सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आ गए।”
Operation Sindoor: यूट्यूबर्स की भूमिका पर सवाल: मीडिया और खुफिया की सीमा रेखा धुंधली
गिरफ्तार की गई महिलाओं में से एक यूट्यूबर होने के कारण यह सवाल भी उठ खड़ा हुआ है कि डिजिटल मीडिया की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। यूट्यूब जैसे खुले मंचों पर कई लोग बिना किसी नियमन या ट्रेनिंग के सामाजिक, राजनीतिक और सामरिक विषयों पर सामग्री बना रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब यूट्यूबर्स को देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया हो — लेकिन अब शायद सरकार इस पर नीतिगत पहल की ओर बढ़ रही है।
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Operation Sindoor: हरियाणा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और सुधार की तैयारी
हरियाणा में हुए इन खुलासों ने न केवल राज्य की आंतरिक सुरक्षा तंत्र को सवालों के घेरे में लाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि डिजिटल स्पेस अब सिर्फ सूचना या अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं रह गया, बल्कि यह सुरक्षा का नया मोर्चा भी बन गया है।
आने वाले दिनों में सरकार की रणनीति स्पष्ट करेगी कि वह नागरिक स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे साधती है — खासकर उस दौर में जब हर हाथ में कैमरा और हर आवाज इंटरनेट पर है।
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