अच्छे दिन में इंजन बीमार’: इथेनॉल नीति पर केंद्र सरकार को JMM का तंज

पेट्रोल में मिलावट पर JMM का हमला, कहा- अच्छे दिन में बढ़ी परेशानी

JMM ने केंद्र सरकार की इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को लेकर तीखा तंज कसा है। पार्टी ने कहा कि जिस दौर को लोग “बुरे दिन” कहते थे, उस समय गाड़ियों में 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल मिलता था और वाहन बिना किसी परेशानी के चलते थे।

“अच्छे दिन में इंजन हांफ रहे”: JMM

JMM ने अपने बयान में कहा कि अब “अच्छे दिन” में पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाया जा रहा है, जिसका असर सीधे वाहनों के इंजन पर पड़ रहा है। पार्टी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि गाड़ियां अब ज्यादा समय सड़क पर नहीं, बल्कि गैरेज में नजर आ रही हैं।

इथेनॉल नीति पर उठाए सवाल: JMM

झामुमो ने आरोप लगाया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को पर्यावरण सुधार के नाम पर लागू किया गया, लेकिन इसका फायदा कुछ चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों और प्रभावशाली लोगों को मिल रहा है। पार्टी का कहना है कि आम जनता को महंगे ईंधन और वाहन खराबी की मार झेलनी पड़ रही है।

केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला

पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों को आम आदमी के खिलाफ बताते हुए कहा कि जनता पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। JMM ने दावा किया कि सरकार की नीतियों का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर झामुमो के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। जहां केंद्र सरकार इसे पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्षी दल इसे आम लोगों और वाहन मालिकों पर अतिरिक्त बोझ करार दे रहे हैं।

 

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