अभिलाष साहू की संगठनात्मक जिम्मेदारियां फिर स्थगित, के. राजू ने मांगी जांच रिपोर्ट

झारखंड कांग्रेस में फिर बदला फैसला, अभिलाष साहू की संगठनात्मक जिम्मेदारियां स्थगित; के. राजू ने मांगी रिपोर्ट

रांची: झारखंड कांग्रेस में अभिलाष साहू की संगठनात्मक भूमिका को लेकर एक बार फिर बदलाव हुआ है। 14 सितंबर 2026 को अभिलाष साहू की कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता बहाल करने के साथ उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई थी। अब प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने अनुशासनात्मक मामले की जांच रिपोर्ट आने तक उनकी संगठनात्मक जिम्मेदारियां स्थगित रखने का निर्देश दिया है।

के. राजू ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को पत्र भेजकर अभिलाष साहू से जुड़े अनुशासनात्मक मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने और उसके परीक्षण के बाद ही उनकी संगठनात्मक भूमिका पर अंतिम निर्णय लेने की बात कही गई है।

14 सितंबर को हुई थी बहाली

दरअसल, 14 सितंबर को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से अभिलाष साहू के निलंबन को समाप्त करने का आदेश जारी किया गया था। इसके साथ ही उन्हें फिर से प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।

इसके बाद मामले की दोबारा समीक्षा की गई। प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा कि अभिलाष साहू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़ी जांच रिपोर्ट का परीक्षण अभी लंबित है। ऐसे में रिपोर्ट आने तक संगठनात्मक जिम्मेदारी के संबंध में अंतिम निर्णय नहीं लिया जाना है।

अनुशासन समिति से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

निर्देश के तहत अनुशासन समिति से अभिलाष साहू की कथित वीडियो बनाने और उसे सार्वजनिक रूप से प्रसारित करने में भूमिका, समिति के समक्ष दिए गए उनके स्पष्टीकरण और सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयानों से जुड़ी जानकारी मांगी गई है।

इसके अलावा उनके सार्वजनिक आचरण और कांग्रेस के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता से संबंधित तथ्यों को भी रिपोर्ट में शामिल करने को कहा गया है।

रिपोर्ट के बाद होगा अंतिम फैसला

प्रदेश प्रभारी के निर्देश के मुताबिक, अनुशासन समिति की विस्तृत रिपोर्ट मिलने और उसके परीक्षण के बाद ही अभिलाष साहू की संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की ओर से भी कहा गया है कि फिलहाल अनुशासन समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की संगठनात्मक कार्रवाई तय होगी।

इस तरह 14 सितंबर को बहाली के बाद कुछ ही दिनों में अभिलाष साहू की संगठनात्मक भूमिका को लेकर फिर स्थिति बदल गई है। अब निगाह अनुशासन समिति की रिपोर्ट और उसके बाद कांग्रेस नेतृत्व के फैसले पर है।

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