अभय तिवारी के भाई अक्षय का CDR जांच में शामिल, परीक्षा से पहले दुग्धा पहुंचने का दावा

JSSC CGL धांधली: अक्षय तिवारी का CDR और लोकेशन डेटा जांच के घेरे में, परीक्षा से पहले दुग्धा पहुंचने का दावा

रांची: वर्ष 2024 में आयोजित JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID की SIT को लेकर एक नया दावा सामने आया है। जांच में मुख्य आरोपी अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी के मोबाइल CDR और लोकेशन डेटा की पड़ताल किए जाने की बात कही जा रही है।

जांच से जुड़े दावों के मुताबिक, अक्षय तिवारी का परीक्षा केंद्र 22 सितंबर 2024 को गिरिडीह में था। आरोप है कि परीक्षा से एक दिन पहले, 21 सितंबर को वह बोकारो के दुग्धा स्थित BCCL कॉलोनी पहुंचा था, जहां कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराकर उन्हें याद कराया जा रहा था।

परीक्षा से एक दिन पहले दुग्धा पहुंचने का दावा

जांच के मुताबिक, अक्षय तिवारी अपने गांव से मधुपुर होते हुए बोकारो के दुग्धा पहुंचा था। दावा है कि वह 21 सितंबर को उस स्थान पर मौजूद था, जहां कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सवाल-जवाब रटवाए जा रहे थे।

जांच एजेंसी के सामने दिए गए कथित बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की लोकेशन किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता का अपने आप अंतिम प्रमाण नहीं होती। मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।

CDR और लोकेशन डेटा की जांच

मामले में अक्षय तिवारी के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा को जांच का हिस्सा बनाए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा से पहले अलग-अलग आरोपियों और अभ्यर्थियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ था।

पहले की जांच में भी अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान बोकारो में अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर याद कराने की बात सामने आने की रिपोर्ट है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, CID इस कथित नेटवर्क में अभ्यर्थियों, बिचौलियों और परीक्षा से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की कड़ियां जोड़ रही है।

अभय तिवारी के भाई की भूमिका पर भी सवाल

अक्षय तिवारी का नाम इस मामले में इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह मुख्य आरोपी बताए जा रहे अभय तिवारी का भाई है। पहले की रिपोर्टों में जांच एजेंसी के हवाले से अभय तिवारी, अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी के परीक्षा में चयन को कथित नेटवर्क से जोड़कर जांच किए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि, किसी आरोपी या संदिग्ध के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम अपराध सिद्ध नहीं माना जा सकता। अंतिम स्थिति अदालत में पेश साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

पेपर लीक मामले में लगातार सामने आ रहे नए तथ्य

JSSC CGL मामले की जांच में CID पहले से ही कई सफल अभ्यर्थियों और कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने कुछ सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार भी किया है और कथित पेपर लीक नेटवर्क की कड़ियों की पड़ताल जारी है।

अब अक्षय तिवारी की कथित आवाजाही, CDR, लोकेशन और अन्य आरोपियों से उसके संपर्क की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा से पहले प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराने का नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था।

फिलहाल जांच जारी है। CDR और लोकेशन डेटा से सामने आने वाले तथ्यों तथा अन्य साक्ष्यों के मिलान के बाद ही अक्षय तिवारी की भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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