शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि: कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, कहा- जननायक के सपनों का झारखंड बनाने के लिए प्रतिबद्ध

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को कांग्रेस की श्रद्धांजलि, केशव महतो बोले- उनकी विरासत को आगे बढ़ाएंगे

शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, कहा- जननायक के सपनों का झारखंड बनाने के लिए प्रतिबद्ध

Ranchi: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों व संघर्षों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

जल-जंगल-जमीन की लड़ाई को किया याद

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का सपना केवल अलग झारखंड राज्य का निर्माण नहीं था, बल्कि ऐसा राज्य बनाना था जहां हर वर्ग को सम्मान, न्याय और विकास के समान अवसर मिल सकें।

‘दिशोम गुरु के विचारों पर आगे बढ़ रही है महागठबंधन सरकार’

केशव महतो ने कहा कि महागठबंधन सरकार दिशोम गुरु के विचारों और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, झामुमो और गठबंधन के अन्य दल सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और संविधान की रक्षा के संकल्प के साथ राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के सामने कई चुनौतियां हैं। ऐसे दौर में शिबू सोरेन का संघर्ष और उनकी विचारधारा समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

विरासत को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

सभा में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि दिशोम गुरु का योगदान झारखंड आंदोलन और राज्य निर्माण के इतिहास में सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने उनके संघर्ष, जनसेवा और सामाजिक न्याय की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों तक शिबू सोरेन के विचारों और उनके संघर्ष की विरासत को पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी

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