सलमान खुर्शीद ने परिमल नाथवानी के नामांकन पर उठाए सवाल, कहा- पहले से फिक्स था सब कुछ

सलमान खुर्शीद का बड़ा आरोप: ‘मेरे पहुंचने से पहले ही क्लोज कर दिया गया मामला’, नाथवानी पर संपत्ति छिपाने का भी आरोप

नामांकन पर खेला? सलमान खुर्शीद का बड़ा आरोप – “पहले से फिक्स था सब कुछ”, परिमल नाथवानी पर संपत्ति छिपाने का भी आरोप

रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता Salman Khurshid ने निर्दलीय उम्मीदवार Parimal Nathwani के नामांकन को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर ही प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय से बाहर निकलने के बाद सलमान खुर्शीद ने आरोप लगाया कि मामले में सब कुछ पहले से तय था और उनके पहुंचने से पहले ही निर्णय ले लिया गया। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली से विशेष रूप से आपत्ति दर्ज कराने और कानूनी पक्ष रखने आए थे, लेकिन सुनवाई की प्रक्रिया उनके पहुंचने से पहले ही लगभग पूरी कर ली गई।

नाम और पहचान को लेकर उठाए सवाल

सलमान खुर्शीद ने कहा कि नामांकन दस्तावेजों में उम्मीदवार का नाम अलग-अलग तरीके से दर्ज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ दस्तावेजों में नाम “नाथवानी परिमल” और अन्य में “परिमल नाथवानी” दर्ज है।

कांग्रेस का आरोप है कि इस विसंगति पर आपत्ति दर्ज किए जाने के बाद नया शपथ पत्र (एफिडेविट) प्रस्तुत किया गया। खुर्शीद ने सवाल उठाया कि स्क्रूटनी प्रक्रिया के दौरान नया हलफनामा स्वीकार कैसे किया जा सकता है।

संपत्ति संबंधी जानकारी छिपाने का आरोप

कांग्रेस ने केवल नाम संबंधी विवाद ही नहीं उठाया, बल्कि नाथवानी पर अपनी संपत्ति और वित्तीय विवरणों की पूरी जानकारी सार्वजनिक न करने का आरोप भी लगाया है।

कांग्रेस नेताओं का दावा है कि:

हालांकि इन आरोपों पर अभी तक आधिकारिक स्तर पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

आदेश की प्रति मिलने के बाद आगे की रणनीति

सलमान खुर्शीद ने कहा कि आदेश की प्रति मिलने के बाद कांग्रेस आगे की कानूनी और राजनीतिक रणनीति तय करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो मामले को आगे भी चुनौती दी जा सकती है।

राज्यसभा चुनाव में बढ़ी सियासी गर्मी

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला पहले ही काफी दिलचस्प हो चुका है। महागठबंधन की ओर से Baidyanath Ram और Pranav Jha मैदान में हैं, जबकि परिमल नाथवानी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

नामांकन प्रक्रिया को लेकर उठे इस नए विवाद ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। अब सबकी नजरें चुनाव आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से आने वाले आधिकारिक निर्णय तथा संभावित कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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