JMM-Congress गठबंधन में बढ़ी खींचतान? कांग्रेस कोटे के आयोगों और बोर्डों पर फैसला अटका

JMM के फैसले का इंतजार कर रही कांग्रेस! आयोगों और बोर्डों में नियुक्तियों पर सस्पेंस

JMM-Congress गठबंधन में आयोगों और बोर्डों की नियुक्तियों पर सस्पेंस, कांग्रेस को फैसले का इंतजार

Ranchi: झारखंड में सत्तारूढ़ JMM-कांग्रेस गठबंधन के बीच आयोगों और बोर्डों में नई नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के कई नेताओं का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के बाद गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठ रहे हैं और कांग्रेस कोटे से जुड़े कई आयोगों एवं बोर्डों में नई नियुक्तियों पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

कई आयोगों का कार्यकाल समाप्त

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कोटे से गठित कई आयोगों और बोर्डों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इनमें प्रमुख रूप से झारखंड राज्य गोसेवा आयोग और झारखंड राज्य युवा आयोग शामिल हैं।

हालांकि कृषि मार्केटिंग बोर्ड और धार्मिक न्यास बोर्ड का कार्यकाल पांच वर्ष किए जाने के कारण ये अभी भी कार्यरत हैं। कृषि मार्केटिंग बोर्ड के अध्यक्ष रविंद्र सिंह तथा धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक हैं।

नई नियुक्तियों पर बना हुआ है संशय

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिन आयोगों और बोर्डों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां नई नियुक्तियों को लेकर अब तक कोई औपचारिक निर्णय सामने नहीं आया है। इससे संबंधित पदों पर रहे लोग और पार्टी कार्यकर्ता सरकार के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

कांग्रेस संगठन के भीतर भी उठ रहे सवाल

पार्टी के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा है कि नियुक्तियों में हो रही देरी को लेकर संगठन के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ नेताओं का मानना है कि इस विषय पर सक्रिय पहल की आवश्यकता है।

सूची सौंपे जाने को लेकर भी चर्चा

राजनीतिक सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि गठबंधन स्तर पर कांग्रेस से संभावित नामों की सूची मांगे जाने की बात सामने आई है। हालांकि इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार और गठबंधन नेतृत्व आयोगों एवं बोर्डों में रिक्त पदों को भरने को लेकर कब और क्या फैसला लेता है।

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