25 लाख का इनामी माओवादी अजय महतो गिरफ्तार: 240 मामलों का आरोपी, 33 बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड
Ranchi: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के शीर्ष कमांडरों में शामिल 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी अजय महतो उर्फ टाईगर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, अजय महतो लंबे समय से झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था।
अधिकारियों के मुताबिक, सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार सिंह और आईजी अभियान नरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में बनाई गई रणनीति के तहत गिरिडीह पुलिस ने यह कार्रवाई की।
कौन है अजय महतो उर्फ टाईगर?
पुलिस के अनुसार अजय महतो की पहचान इस प्रकार है—
- पूरा नाम: अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ अंजन दा उर्फ टाईगर उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव
- पिता: चान्दो महतो उर्फ प्रेमचन्द्र महतो
- गांव: नावाडीह, थाना पीरटांड़, जिला गिरिडीह
- संगठन: भाकपा (माओवादी)
- पद: स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य
- इनाम: ₹25 लाख
- दर्ज मामले: 240
कई बड़े नक्सली हमलों का आरोपी
पुलिस के अनुसार अजय महतो पर सुरक्षा बलों पर आईईडी विस्फोट, घात लगाकर हमले, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और निर्दोष ग्रामीणों की हत्या सहित कई गंभीर मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं।
वर्ष 2025-26 के दौरान उस पर चाईबासा और सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए कई आईईडी हमलों और मुठभेड़ों में शामिल होने का आरोप है। इन घटनाओं में सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर के कई जवान शहीद हुए तथा कई घायल हुए।
ग्रामीणों की हत्या के भी आरोप
पुलिस के अनुसार, अजय महतो के दस्ते पर पुलिस मुखबिरी के आरोप में कई ग्रामीणों की हत्या करने के भी आरोप हैं। चाईबासा और आसपास के इलाकों में पिछले वर्षों के दौरान कई हत्याओं और हिंसक वारदातों में उसका नाम सामने आया था।
रेलवे ट्रैक और सरकारी संपत्तियों को भी बनाया निशाना
जांच एजेंसियों के अनुसार, अजय महतो पर रेलवे ट्रैक उड़ाने, वन विभाग कार्यालयों पर हमले, सरकारी वाहनों में आगजनी और सुरक्षाबलों के खिलाफ बड़े आईईडी विस्फोटों की साजिश रचने के आरोप भी दर्ज हैं।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हैं मामले
पुलिस के मुताबिक अजय महतो के खिलाफ हत्या, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, देशद्रोह तथा अन्य गंभीर धाराओं के तहत कुल 240 मामले दर्ज हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में लंबे समय से चलाए जा रहे संयुक्त अभियान के दौरान लगातार दबाव बनाए रखने के कारण उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी। पुलिस अब उससे पूछताछ कर संगठन की गतिविधियों और अन्य वांछित माओवादियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
