रांची में LPG संकट: बैकलॉग हुआ दोगुना, गैस डिलीवरी में लग रहे 5–7 दिन

सिलेंडर बुक करने के 1 से 2 दिन के भीतर डिलीवरी हो जाती थी,

रांची में LPG की मांग बढ़ी, गैस एजेंसियों पर दबाव; डिलीवरी में हो रही देरी

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों रसोई गैस (LPG) को लेकर परेशानी बढ़ती दिख रही है। अफवाहों और घबराहट के कारण बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर की ‘पैनिक बुकिंग’ कर रहे हैं। इसका सीधा असर गैस एजेंसियों पर पड़ा है।

जहां पहले सिलेंडर बुक करने के 1 से 2 दिन के भीतर डिलीवरी हो जाती थी, वहीं अब उपभोक्ताओं को 5 से 7 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।


मुख्य बिंदु (Key Highlights)


संकट के पीछे दो बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण

भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है।

1. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का असुरक्षित होना

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज 167 किलोमीटर लंबा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। मौजूदा युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण यह रास्ता असुरक्षित माना जा रहा है।

भारत अपनी जरूरत का लगभग

इसी मार्ग से मंगाता है।

2. कतर में उत्पादन प्रभावित

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा ड्रोन हमलों के बाद कतर के एलएनजी प्लांट का उत्पादन प्रभावित हुआ है।

भारत अपनी कुल एलएनजी जरूरत का करीब 40% हिस्सा अकेले कतर से आयात करता है, इसलिए इसका असर सप्लाई पर पड़ रहा है।


अधिकारियों का क्या कहना है?

इंडियन ऑयल (IOCL) के अधिकारियों के अनुसार मार्च महीने में रिकॉर्ड संख्या में गैस बुकिंग हुई है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि एलपीजी की आपूर्ति में कोई वास्तविक कमी नहीं है।

अधिकारियों के मुताबिक,

सप्लाई लगातार जारी है और अगले 1–2 दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

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