नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘India AI Impact Summit 2026’ वैश्विक तकनीक जगत के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो रहा है।
India AI Impact Expo 2026 was a powerful convergence of ideas, innovation and intent.
It showcased the extraordinary potential of Indian talent in shaping the future of Artificial Intelligence for global good.
Above all, it reaffirmed our commitment to harnessing AI… pic.twitter.com/jfVWCP4BHh
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
यह पहली बार है जब ग्लोबल साउथ के किसी देश में इतने बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष साक्षात्कार में इस समिट के मोटो और भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के सपने में AI की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
सबका भला, सबकी खुशी: समिट की मूल भावना
समिट का मोटो “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” (सबका कल्याण, सबकी खुशी) रखा गया है। प्रधानमंत्री ने इसके पीछे का विजन स्पष्ट करते हुए कहा:
-
मानव-केंद्रित तकनीक: AI का अंतिम उद्देश्य मानवता की सेवा करना है, उसे बदलना या विस्थापित करना नहीं।
-
सभ्यतागत बदलाव: पीएम ने कहा कि AI एक सभ्यतागत मोड़ पर है। यदि इसे सही दिशा न दी जाए, तो यह सामाजिक ढांचे को चुनौती दे सकता है। इसीलिए भारत ‘इनोवेशन’ के साथ-साथ ‘इम्पैक्ट’ (प्रभाव) पर जोर दे रहा है।
-
समान पहुंच: तकनीक का लाभ केवल शुरुआती अपनाने वालों (Early Adopters) तक सीमित न रहे, बल्कि यह समाज के अंतिम व्यक्ति—किसान, छात्र और छोटे उद्यमियों तक पहुँचे।
India AI Impact Summit 2026: Viksit Bharat 2047 और AI के तीन स्तंभ
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को दुनिया की टॉप 3 AI सुपरपावर बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ में AI का विजन तीन स्तंभों (Pillars) पर टिका है:
-
संप्रभुता (Sovereignty): भारत डिजिटल सदी के लिए अपना कोड खुद लिखेगा।
-
समावेशिता (Inclusivity): शहरी-ग्रामीण खाई को पाटना और क्षेत्रीय भाषाओं में AI समाधान।
-
नवाचार (Innovation): भारत को सिर्फ कंज्यूमर नहीं, बल्कि AI का क्रिएटर (निर्माता) बनाना।
India AI Impact Summit 2026: विरासत का संरक्षण और जमीनी सशक्तिकरण
साक्षात्कार के दौरान पीएम मोदी ने AI के व्यावहारिक और सांस्कृतिक उपयोग के कुछ अनूठे उदाहरण साझा किए:
-
सांस्कृतिक विरासत: AI पुरानी किताबों के डिजिटलीकरण और अनुवाद को संभव बना रहा है, जिससे हमारी प्राचीन सभ्यता का ज्ञान दुनिया के लिए खुल रहा है।
-
अमूल का उदाहरण: अमूल कंपनी AI के जरिए 36 लाख महिला डेयरी किसानों को गुजराती भाषा में पशु स्वास्थ्य और उत्पादकता पर रियल-टाइम गाइडेंस दे रही है।
-
शिक्षा और स्वास्थ्य: सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए ‘पर्सनलाइज्ड लर्निंग’ प्लेटफॉर्म और गांवों में टेलीमेडिसिन के जरिए स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
India AI Impact Summit 2026: ग्लोबल साउथ की आवाज बना भारत
यह समिट ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की प्राथमिकताओं जैसे—कृषि उत्पादकता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और समावेशी डेटासेट को केंद्र में रख रहा है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि भारत के युवा ऐसे AI समाधान तैयार करेंगे जो न केवल भारत की हकीकत बदलेंगे, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बेंचमार्क बनेंगे।
