3 पीढ़ियों से मुस्लिम परिवार बना रहा बजरंगी झंडा

झारखंड में गंगा-जमुनी तहज़ीब: मुस्लिम परिवार बना रहा बजरंगी झंडा, विदेशों तक डिमांड

झारखंड में भाईचारे की मिसाल: 3 पीढ़ियों से मुस्लिम परिवार बना रहा बजरंगी झंडा, विदेशों तक बढ़ी डिमांड

हजारीबाग (झारखंड): देश में जहां कई बार त्योहारों के दौरान तनाव की खबरें सामने आती हैं, वहीं झारखंड का हजारीबाग शहर एक अलग ही तस्वीर पेश करता है। यहां एक मुस्लिम परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से बजरंगी (महावीरी) झंडा बनाकर गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल कायम कर रहा है।

🔶 60 साल पुरानी विरासत – वीर वस्त्रालय की खास पहचान

हजारीबाग के बड़ी बाजार स्थित वीर वस्त्रालय पिछले करीब 60 वर्षों से रामनवमी के लिए झंडे तैयार कर रहा है। इस दुकान के झंडे शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों में भी काफी लोकप्रिय हैं।
हर साल रामनवमी पर ज्यादातर घरों और जुलूसों में इसी दुकान के बने झंडे लहराते नजर आते हैं।

🔶 मुस्लिम परिवार बना रहा ‘हनुमान ध्वज’

इस प्रतिष्ठान की सबसे खास बात यह है कि गुलाम जलानी का परिवार बीते तीन पीढ़ियों से इन झंडों को बना रहा है।
वे न सिर्फ झंडे तैयार करते हैं, बल्कि कई मंदिरों के लिए भगवान के वस्त्र भी बनाते हैं।

👉 यह परंपरा बताती है कि धर्म से ऊपर इंसानियत और भाईचारा होता है।

🔶 अब विदेशों में भी लहराएंगे हजारीबाग के झंडे

इस बार वीर वस्त्रालय के लिए गर्व की बात यह है कि उनके बनाए झंडे अब भारत से बाहर भी भेजे जा रहे हैं

कोरोना काल में शुरू किए गए ऑनलाइन बिजनेस का फायदा अब साफ नजर आ रहा है। सोशल मीडिया के जरिए दुकान की पहचान विदेशों तक पहुंची है।

🔶 अयोध्या से भी जुड़ चुका है नाम

दुकान संचालक देवेन्द्र जैन बताते हैं कि उनके यहां बने झंडे राम जन्मभूमि (अयोध्या) के उद्घाटन के दौरान भी इस्तेमाल किए गए थे।
कारसेवक इन्हें लेकर अयोध्या गए थे, जो इस प्रतिष्ठान के लिए गर्व की बात है।

🔶 इस बार रामनवमी और भी खास

इस वर्ष रामनवमी का उत्साह और भी ज्यादा है क्योंकि
राम मंदिर उद्घाटन के बाद पहली रामनवमी मनाई जा रही है।

कारीगर गुलाम जलानी बताते हैं:

“इस बार बड़े-बड़े झंडों की मांग ज्यादा है, ऐसा लग रहा है जैसे हजारीबाग में ही अयोध्या की झलक देखने को मिलेगी।”

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