झारखंड में अकीदत के साथ मनाई गई ईद: रांची, धनबाद और साहिबगंज में नमाज, अमन-चैन की दुआ
रांची: झारखंड की राजधानी रांची समेत धनबाद और साहिबगंज में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह होते ही मस्जिदों और ईदगाहों में रोजेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग नए कपड़े पहनकर नमाज अदा करने पहुंचे और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
डोरंडा और हरमू ईदगाह में उमड़ी भीड़
रांची के डोरंडा और हरमू ईदगाह में ईद की नमाज अनुशासन और श्रद्धा के साथ अदा की गई।
डोरंडा ईदगाह में सुबह करीब 9:15 बजे नमाज हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर खुशियां साझा कीं और भाईचारे का संदेश दिया।
कतरास जामा मस्जिद में गूंजा अमन का पैगाम
धनबाद के कतरास जामा मस्जिद में भी अकीदत के साथ नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान देश-दुनिया में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
यहां नमाज दो चरणों में अदा की गई—
- पहली नमाज ईदगाह में
- दूसरी नमाज मस्जिद के अंदर
ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पवित्र अवसर का हिस्सा बन सकें।
साहिबगंज में भी दिखा उत्सव का माहौल
साहिबगंज जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी ईद का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। मस्जिदों और ईदगाहों में सामूहिक नमाज अदा की गई और रोजेदारों ने पूरे एक महीने के रमजान के बाद अल्लाह से शांति और समृद्धि की दुआ मांगी।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
ईद के मौके पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
- संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती
- मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास निगरानी
- मजिस्ट्रेट की मौजूदगी
इन सभी व्यवस्थाओं के चलते त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
प्रेम और भाईचारे का संदेश
ईद-उल-फितर सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे का प्रतीक है।
रांची, धनबाद और साहिबगंज में भी यह पर्व लोगों को जोड़ता हुआ नजर आया, जहां सभी ने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटीं।
👉 बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था, जिसने पूरे माहौल को त्योहार के रंग में रंग दिया।
