झरिया में 13 हजार जन्म प्रमाणपत्रों का रिकॉर्ड गायब, पहचान के लिए भटक रहे लोग

झरिया नगर निगम की बड़ी लापरवाही, हजारों जन्म प्रमाणपत्रों का डेटा गायब

झरिया में 13 हजार जन्म प्रमाणपत्रों का रिकॉर्ड गायब, पहचान के लिए दर-दर भटक रहे लोग

Dhanbad: झरिया नगर निगम क्षेत्र से एक बेहद गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। साल 2019 से पहले जारी किए गए करीब 13 हजार जन्म प्रमाणपत्रों का रिकॉर्ड सरकारी सिस्टम से गायब हो गया है। इस चूक का असर अब हजारों परिवारों पर पड़ रहा है, जो अपने बच्चों के स्कूल एडमिशन, राशन कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी दस्तावेज बनवाने में परेशान हो रहे हैं।

2019 में पहली बार सामने आया था मामला

जानकारी के मुताबिक, 2 अप्रैल 2019 को झरिया अंचल के राज ग्राउंड स्थित पुराने कार्यालय से जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों के गायब होने का खुलासा हुआ था। उस समय के प्रोग्राम ऑफिसर ने इस मामले में झरिया थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।

एफआईआर में विभाग के दो कर्मियों की भूमिका पर संदेह जताया गया था। हालांकि, इतने वर्षों बाद भी न तो गायब रिकॉर्ड का कोई पता चल पाया और न ही मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने आई।

लोगों की बढ़ी परेशानी

स्थिति यह है कि पुराने जन्म प्रमाणपत्र में सुधार या डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट कराने पहुंचे लोगों को दफ्तर से निराश होकर लौटना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास पुराने रिकॉर्ड मौजूद नहीं हैं, इसलिए किसी प्रकार का सुधार संभव नहीं है।

लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे पुराने रिकॉर्ड भूलकर “घर में जन्म” दिखाते हुए नया आवेदन करें। इससे आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

महीनों तक दफ्तरों के चक्कर

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नया प्रमाणपत्र बनवाने में दो से तीन महीने तक लग जाते हैं। इस दौरान उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कई जगह सुविधा शुल्क के नाम पर पैसे मांगने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

लोगों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही की सजा अब आम जनता भुगत रही है। जिन दस्तावेजों के आधार पर बच्चों का भविष्य तय होता है, वही रिकॉर्ड अब सिस्टम से गायब हैं।

नगर निगम की सफाई

इस पूरे मामले पर धनबाद नगर निगम के सिटी मैनेजर विश्वनाथ भगत ने कहा कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है जितनी बताई जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी बिचौलिये के चक्कर में न पड़ें और सीधे कार्यालय से संपर्क करें।

हालांकि, जमीनी स्तर पर लोगों की परेशानियां लगातार बनी हुई हैं और हजारों परिवार अब भी अपने जरूरी दस्तावेजों के लिए भटकने को मजबूर हैं।

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