झारखंड में साइबर ठगी से बचेंगे लाखों लाभुक, महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी की खास गाइडलाइन

साइबर फ्रॉड से डेटा बचाने की पहल: झारखंड सरकार ने लाभुकों के लिए जारी किए Do’s & Don’ts

झारखंड में साइबर ठगी से बचाव की पहल, महिला एवं बाल विकास विभाग ने लाभुकों के लिए जारी की विशेष गाइडलाइन

Ranchi: झारखंड सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों को साइबर अपराध और डेटा चोरी से बचाने के लिए विशेष जागरूकता पहल शुरू की है। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मंईयां सम्मान योजना और पूरक पोषाहार जैसी योजनाओं से जुड़े लाभुकों के लिए साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता से संबंधित विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सरकार का कहना है कि डिजिटल माध्यम से योजनाओं के संचालन और लाभुकों के डेटा के इस्तेमाल के बीच व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए लाभुकों को साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

डेटा लीक से हो सकता है आर्थिक नुकसान

विभाग के अनुसार लाभुकों की व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग विवरण या अन्य संवेदनशील डेटा गलत हाथों में पहुंचने पर साइबर ठगी और वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी हो सकती है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी किसी अनजान या अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा न करें।

साइबर सुरक्षा के लिए क्या करें?

सरकार की ओर से लाभुकों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है—

इन गलतियों से बचने की सलाह

विभाग ने स्पष्ट किया है कि लाभुकों को अपनी सुरक्षा के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

योजनाओं के लाभुकों की सुरक्षा पर जोर

राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े लाभुकों को डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना और उनके व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में सतर्क रहें और समय रहते संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।

साइबर सुरक्षा में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। लाभुकों को सलाह दी गई है कि सरकारी योजनाओं से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा करें।

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