Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में खाली पदों पर घमासान, विपक्ष का हमला, सरकार बोली-30 हजार से ज्यादा हुईं नियुक्तियां

Jharkhand News: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को राज्य के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा कि हजारों पद खाली होने के कारण सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ रहा है। हालांकि सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा गया कि जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं और अब तक 30 हजार से अधिक पदों पर बहाली हो चुकी है।

33 प्रतिशत पद खाली: विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी: Jharkhand News

सदन में विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने तारांकित प्रश्न के जरिए कहा कि एचआरएमएस (HRMS) के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 2,23,363 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 1,50,127 पद भरे गए हैं। इस हिसाब से करीब 73,236 पद यानी लगभग 33 प्रतिशत पद खाली हैं, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि

  • शिक्षा विभाग और गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में 8,386 पद खाली हैं

  • कृषि विभाग में 5,415 स्वीकृत पदों के मुकाबले सिर्फ 826 कर्मचारी कार्यरत हैं, यानी लगभग 84% पद खाली हैं

  • पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में 39% पद रिक्त हैं

  • कल्याण विभाग में करीब 77% पद खाली हैं

सरकार का जवाब: बैकलॉग भरने की प्रक्रिया जारी: Jharkhand News

संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्वीकार किया कि कई विभागों में 20-25 वर्षों से पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उपलब्ध संसाधनों के अनुसार बैकलॉग पदों को भरने की दिशा में लगातार काम कर रही है और आयोगों के माध्यम से नियुक्तियां जारी हैं।

HRMS आंकड़ों पर मंत्री ने जताई शंका: Jharkhand News

मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि नियुक्तियों के लिए सरकार मुख्य रूप से वित्त विभाग के आंकड़ों को आधार मानती है। उन्होंने कहा कि HRMS के आंकड़ों में त्रुटि संभव है। उन्होंने बताया कि जैसे ही विभागों से अधियाचना प्राप्त होती है, उसी के आधार पर आयोगों के जरिए विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।

आउटसोर्सिंग पर भी उठे सवाल

भाजपा विधायक सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि संसाधनों की कमी का हवाला देकर नियुक्तियां टाली जा रही हैं और कई विभाग आउटसोर्सिंग के भरोसे चल रहे हैं। इस पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि आउटसोर्सिंग की व्यवस्था पिछली सरकारों के समय से ही चली आ रही है।

वायरल ऑडियो का मुद्दा भी उठा

सत्र के दौरान दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कथित बातचीत का वायरल ऑडियो भी सदन में चर्चा का विषय बना। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि किसी आईएएस और आईपीएस अधिकारी की बातचीत का सार्वजनिक होना गंभीर मामला है और इससे सुरक्षा व गोपनीयता पर सवाल उठते हैं। इस पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार को अभी तक इस ऑडियो की आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऑडियो उपलब्ध कराया जाता है तो सरकार उसकी सत्यता की जांच कराएगी।

महिला दिवस पर महिला विधायकों को सम्मान

विधानसभा सत्र के दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला विधायकों को सम्मानित करते हुए कहा कि राज्य के विकास में महिलाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है और सरकार महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है।

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