Jharkhand News: “शराब घोटाले में बड़ा झटका: अरुण त्रिपाठी और अरविंद सिंह की अग्रिम जमानत खारिज”
हाईकोर्ट सख्त: ACB से जवाब तलब, आरोपियों को राहत नहीं”
admin
Jharkhand News
Jharkhand News: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने आरोपित अरुण पति त्रिपाठी और अरविंद सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
दो आरोपियों को राहत से इनकार: Jharkhand News
जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों की याचिका खारिज कर दी। इससे पहले एसीबी की विशेष अदालत भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।
ACB से मांगा गया जवाब: Jharkhand News
वहीं, इसी मामले में एक अन्य आरोपी अमित प्रभाकर सालुंके की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला?: Jharkhand News
जांच एजेंसियों के अनुसार, झारखंड की नई शराब नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर यह मामला सामने आया है। आरोप है कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन में कुछ निजी एजेंसियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।
बताया जा रहा है कि अरुण पति त्रिपाठी, जो राज्य सरकार की उत्पाद नीति के सलाहकार रह चुके हैं, की इस मामले में अहम भूमिका रही है। उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन अधिकारियों के साथ मिलकर बाहरी एजेंसियों को झारखंड में प्रवेश दिलाने में भूमिका निभाई।
सालुंके की दलील: Jharkhand News
अमित प्रभाकर सालुंके की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उन्हें पहले विजिलेंस की जांच में क्लीन चिट मिल चुकी है, इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अदालत से पूरे मामले को निरस्त करने की मांग की है।
आगे क्या?
अब इस मामले में अगला कदम ACB के जवाब पर निर्भर करेगा। अदालत के निर्देश के बाद तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल किया जाएगा, जिसके बाद आगे की सुनवाई में बड़ा फैसला सामने आ सकता है। झारखंड शराब घोटाला केस में हाईकोर्ट के सख्त रुख से साफ है कि इस मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया और तेज होगी। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।