परिमल नाथवानी के नामांकन पर फंसा पेंच, बैजनाथ राम और प्रणव झा का पर्चा वैध

राज्यसभा चुनाव में नया ट्विस्ट: परिमल नाथवानी के नामांकन पर आपत्ति, बुधवार को होगा फैसला

राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी के नामांकन पर नाम का पेंच, जेएमएम और कांग्रेस उम्मीदवारों को मिली राहत

रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन पत्रों की जांच के दौरान एक नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ सामने आया है। जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैजनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पर तकनीकी आपत्ति दर्ज होने के बाद मामला फिलहाल होल्ड पर रख दिया गया है।

अब इस मामले में अंतिम सुनवाई बुधवार सुबह 11 बजे होगी, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर अंतिम निर्णय लेंगे।

नाम के अंतर को लेकर दर्ज हुई आपत्ति

नामांकन पत्रों की जांच के दौरान परिमल नाथवानी के दस्तावेजों में नाम लिखने के तरीके को लेकर आपत्ति दर्ज की गई।

आपत्ति के अनुसार कुछ दस्तावेजों में उनका नाम “परिमल नाथवानी” दर्ज है, जबकि कुछ अन्य दस्तावेजों में “नाथवानी परिमल” लिखा गया है। इसी आधार पर उनके नामांकन की वैधता पर सवाल उठाया गया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए रिटर्निंग ऑफिसर ने फिलहाल नामांकन को होल्ड पर रखते हुए सुनवाई की तारीख निर्धारित की है।

विधानसभा पहुंचे नाथवानी

विवाद की जानकारी मिलते ही परिमल नाथवानी स्वयं विधानसभा सचिवालय पहुंचे और रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार के समक्ष अपना पक्ष रखा।

सूत्रों के अनुसार नामांकन से जुड़े कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर काफी देर तक चर्चा हुई। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी विधानसभा सचिवालय पहुंचे और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।

हालांकि भाजपा ने आधिकारिक तौर पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है, लेकिन नाथवानी के प्रति उसके समर्थन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है।

बैजनाथ राम और प्रणव झा को मिली राहत

राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के दोनों उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर रही।

इस तरह महागठबंधन के दोनों उम्मीदवारों की राह फिलहाल साफ नजर आ रही है।

बुधवार को होगा अंतिम फैसला

रिटर्निंग ऑफिसर ने निर्देश दिया है कि परिमल नाथवानी या उनके अधिकृत प्रतिनिधि बुधवार सुबह 11 बजे सुनवाई के दौरान उपस्थित रहें।

अब राजनीतिक दलों और चुनावी पर्यवेक्षकों की नजर इस बात पर टिकी है कि नाम के इस तकनीकी विवाद को चुनाव अधिकारी साधारण लिपिकीय त्रुटि मानते हैं या इसे गंभीर आपत्ति के रूप में देखते हैं।

राज्यसभा चुनाव में बढ़ा रोमांच

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। ऐसे में परिमल नाथवानी के नामांकन पर उठे सवाल ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।

बुधवार को होने वाला फैसला यह तय करेगा कि चुनावी मैदान में मुकाबला त्रिकोणीय बना रहेगा या राजनीतिक समीकरणों में कोई नया मोड़ आएगा।

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