Jharkhand Gov ने बजट पूर्व संगोष्ठी में सतत विकास और समावेशी योजनाओं पर दिया जोर

रांची, 28 जनवरी 2025: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में Jharkhand मंत्रालय में आयोजित बजट पूर्व संगोष्ठी में आगामी अबुआ बजट 2025-26 के निर्माण को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

संगोष्ठी में विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का उद्देश्य झारखंड की मूलभूत समस्याओं के समाधान के साथ-साथ सतत और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।

Jharkhand News: मुख्यमंत्री का जोर: संसाधनों के बेहतर उपयोग पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के विकास के लिए यह जरूरी है कि राज्य के संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग हो। उन्होंने निर्देश दिया कि योजनाओं का निर्माण लंबी अवधि को ध्यान में रखकर किया जाए, ताकि उनकी उपयोगिता अधिक हो। उन्होंने जोर दिया कि बजट से जुड़ी हर योजना का आउटकम और उसकी उपयोगिता का आकलन किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के पास सीमित संसाधन हैं, लेकिन हमारी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, बिजली, पानी और सड़क जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर काम किया है।”

Jharkhand News: राजस्व संग्रह और रोजगार पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए अपने राजस्व स्रोतों को मजबूत करना होगा। उन्होंने सभी विभागों को राजस्व संग्रहण की संभावनाओं को तलाशने और उसे बढ़ाने के ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।

उन्होंने बजट में रोजगार सृजन और स्वरोजगार के लिए विशेष प्रावधानों पर जोर देते हुए कहा कि योजनाओं को रोजगार के अवसर पैदा करने वाले तरीके से डिजाइन किया जाना चाहिए।

बजट निर्माण में विशेषज्ञों का योगदान

संगोष्ठी में देशभर के विशेषज्ञों ने झारखंड के विभिन्न सेक्टरों को मजबूत करने के लिए सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री ने इन विशेषज्ञों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके सुझावों पर विचार कर उन्हें बजट में शामिल किया जाएगा।

अबुआ बजट पोर्टल के सर्वश्रेष्ठ सुझाव देने वाले हुए सम्मानित

बजट तैयार करने के लिए झारखंड सरकार द्वारा अबुआ बजट पोर्टल के माध्यम से जनता से सुझाव मांगे गए थे। संगोष्ठी में मुख्यमंत्री ने सर्वश्रेष्ठ सुझाव देने वालों को पुरस्कृत किया। अनीश कुमार मुरारका, नीतीश कुमार, और राम प्रवेश राम को उनके प्रभावी सुझावों के लिए सम्मानित किया गया।

समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में 70% आबादी के पास व्यक्तिगत बजट योजना नहीं होती। सरकार ने अपनी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से इस वर्ग को सशक्त करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। “हमारी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, और यह झारखंड की क्षमता को उजागर करती हैं,” मुख्यमंत्री ने कहा।

संगोष्ठी में शामिल प्रमुख लोग

इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी, राज्य वित्त आयोग के सदस्य डॉ. हरिश्वर दयाल, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए।

 

 

 

 

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