हरिवंश तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति बने, पीएम मोदी ने दी बधाई; खरगे ने लोकसभा उपाध्यक्ष पद पर उठाए सवाल
नई दिल्ली: राज्यसभा में शुक्रवार को एक अहम और ऐतिहासिक फैसला सामने आया, जब हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना गया। खास बात यह रही कि वे पहली बार मनोनीत सांसद के रूप में इस पद तक पहुंचे हैं। हाल ही में उन्हें द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा के लिए नामित किया गया था।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को बधाई देते हुए उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने अपने संदेश में लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से उनके जुड़ाव का जिक्र किया।
पीएम मोदी ने कहा कि हरिवंश की कार्यशैली संतुलित और समर्पित रही है, और पूरे सदन को उन पर भरोसा है। साथ ही उन्होंने उनके लेखन और विचारों की भी तारीफ की।
खरगे ने उठाया लोकसभा उपाध्यक्ष का मुद्दा
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हरिवंश को बधाई देने के साथ ही केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहां राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव हो गया, वहीं लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद 2019 से खाली पड़ा है।
खरगे ने संविधान के अनुच्छेद 93 का हवाला देते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संसद भवन में उपाध्यक्ष के कमरे पर ताला लटका देख उन्हें तकलीफ होती है।
विपक्ष से सहयोग की उम्मीद
खरगे ने उम्मीद जताई कि हरिवंश अपने नए कार्यकाल में विपक्ष की बातों को भी समान महत्व देंगे और सदन को संतुलित तरीके से चलाएंगे।
तीसरी बार निर्विरोध चयन
हरिवंश नारायण सिंह का तीसरी बार निर्विरोध उपसभापति चुना जाना उनके अनुभव और स्वीकार्यता को दर्शाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह कार्यकाल भी सदन के संचालन में संतुलन और संवाद को आगे बढ़ाएगा।
