सिमडेगा का आम्रपाली आम पहुंचा लंदन, महिला किसानों ने रचा इतिहास

झारखंड के आम का विदेश में जलवा, UK भेजी गई पहली खेप

लंदन तक पहुंची सिमडेगा के आम्रपाली आम की मिठास, महिला किसानों ने रचा नया इतिहास

सिमडेगा: झारखंड के सिमडेगा जिले की महिला किसानों ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। जिले के बानो प्रखंड स्थित बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (FPC) द्वारा उत्पादित 1.5 टन आम्रपाली आम अब ब्रिटेन के बाजारों में अपनी मिठास बिखेरेंगे। यह झारखंड से यूनाइटेड किंगडम को ताजे आमों की पहली व्यावसायिक खेप है, जिसे 4 जून को कोलकाता से लंदन के लिए रवाना किया गया।

इस उपलब्धि को झारखंड के कृषि क्षेत्र और महिला सशक्तिकरण के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सिमडेगा की महिला किसान उत्पादक कंपनी द्वारा उगाए गए आम्रपाली आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहे हैं, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य और महिलाओं को नई पहचान मिल रही है।

एपीडा की पहल से मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार

वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority ने इस निर्यात प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एपीडा ने 5 मई 2026 को सिमडेगा में किसान उत्पादक कंपनियों (FPC), किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और प्रगतिशील किसानों के लिए निर्यात उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था।

इसके बाद एपीडा ने बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और कोलकाता स्थित निर्यातक कंपनी JGB Agro Fresh Private Limited के बीच संपर्क स्थापित कराया। इसी प्रयास का परिणाम है कि आम्रपाली आम की पहली खेप लंदन भेजी गई।

महिला किसानों की बढ़ेगी आमदनी

इस पहल से सिमडेगा के किसानों, विशेषकर महिला किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। साथ ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पादन करने और फसल प्रबंधन की नई तकनीकों को अपनाने का अवसर भी मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्यात न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि झारखंड के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

झारखंड के कृषि उत्पादों को मिलेगा नया बाजार

आम्रपाली आम की इस पहली खेप के सफल निर्यात के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में झारखंड के अन्य कृषि उत्पाद भी विदेशी बाजारों तक पहुंचेंगे। इससे राज्य के किसानों के लिए नए अवसर खुलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Exit mobile version