NEET विवाद पर भाजपा का पलटवार, छात्रों के भविष्य पर राजनीति बंद करे JMM : गणेश मिश्रा
Ranchi: NEET परीक्षा को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों पर भाजपा ने कड़ा पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने कहा कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने झामुमो के आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक बताते हुए कहा कि इससे छात्रों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है और उन पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है।
केंद्र सरकार ने तुरंत की कार्रवाई
गणेश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने मामले को दबाने के बजाय जांच एजेंसियों को सक्रिय किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में झामुमो द्वारा लगाए जा रहे आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी हैं।
JPSC और JSSC परीक्षाओं पर भी उठाए सवाल
भाजपा नेता ने झारखंड सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में आयोजित कई परीक्षाएं लगातार विवादों और पेपर लीक के आरोपों में घिरी रही हैं।
उन्होंने कहा कि JPSC, JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं में गंभीर सवाल उठे, लेकिन झामुमो और उसके सहयोगी दल इन मामलों पर चुप्पी साधे हुए हैं। यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता चाहती है तो पहले राज्य में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों पर कार्रवाई करे।
इस्तीफे की मांग पर भी साधा निशाना
गणेश मिश्रा ने कहा कि बिना जांच पूरी हुए किसी मंत्री का इस्तीफा मांगना केवल राजनीतिक एजेंडा का हिस्सा है। जवाबदेही तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर।
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा छात्रों के हितों की रक्षा और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के पक्ष में खड़ी रही है।
बेंगलुरु रैली को लेकर कांग्रेस पर सवाल
प्रदेश महामंत्री ने बेंगलुरु में कांग्रेस की रैली के कारण कुछ अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाने के मामले को भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा की तारीख पहले से तय थी, तो कांग्रेस को अपने कार्यक्रम के समय या स्वरूप में बदलाव करना चाहिए था ताकि छात्रों को परेशानी न हो।
उन्होंने सवाल किया कि झामुमो इस मुद्दे पर चुप क्यों है और विपक्ष का छात्र प्रेम केवल बयानबाजी तक सीमित क्यों दिखाई देता है।
छात्रों के हित सर्वोपरि
गणेश मिश्रा ने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। छात्रों के भविष्य को राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से देखने के बजाय उन्हें बेहतर और निष्पक्ष व्यवस्था उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए।
