जंगल में चल रहा था साइबर ठगी का अड्डा, देवघर पुलिस ने 11 ठगों को दबोचा; 1 लाख कैश बरामद
देवघर: जंगल के सुनसान इलाके में मोबाइल की घंटियां बज रही थीं, लैपटॉप और सिम कार्ड के जरिए देशभर के लोगों को ठगने की साजिश रची जा रही थी। लेकिन इससे पहले कि गिरोह कोई बड़ा वार करता, देवघर पुलिस ने धावा बोल दिया।
मंगलवार को पथरौल थाना क्षेत्र के सरहैता गांव के पास जंगल में चल रहे साइबर ठगी के अड्डे का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 11 आरोपियों को धर दबोचा।
गुप्त सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि जंगल के भीतर कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। सूचना मिलते ही टीम ने घेराबंदी कर छापेमारी की। अचानक पुलिस को सामने देख गिरोह के सदस्य भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने सभी को मौके पर ही पकड़ लिया।
मोबाइल, सिम और कैश बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और 1.01 लाख रुपये नकद बरामद किए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से लोगों को फोन कर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।
कई थाना क्षेत्रों से जुड़े आरोपी
गिरफ्तार आरोपी देवघर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों — पथरौल, सारठ, करौं, मधुपुर, देवीपुर और मोहनपुर — के रहने वाले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ है।
नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ जारी है। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि ठगी के शिकार लोगों की पहचान की जा सके।
देवघर पुलिस का कहना है कि जिले को साइबर अपराध से मुक्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
