Ranchi में दो दिवसीय आदिवासी फिल्म फेस्टिवल संपन्न, मास्टरक्लास और फिल्मों पर हुई सार्थक चर्चा

रांची। झारखंड फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान की स्थापना की पहल के तहत रांची में आयोजित दो दिवसीय फिल्म फेस्टिवल, मास्टरक्लास और आदिवासी फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग सफलतापूर्वक संपन्न हुई.

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने शहर में सिनेमाई माहौल निर्मित किया, जहां फिल्मों के प्रदर्शन के साथ-साथ संस्कृति, पहचान, भाषा और समाज पर गहन विचार-विमर्श किया गया.

आदिवासी जीवन और संस्कृति पर केंद्रित रहीं फिल्में

इस दो दिवसीय आयोजन में आदिवासी समाज के जीवन, संघर्ष, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधताओं को दर्शाने वाली विशेष फिल्मों का प्रदर्शन किया गया. प्रत्येक स्क्रीनिंग के बाद दर्शक-संवाद सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें यह उभरकर आया कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों और स्मृतियों को सहेजने का एक सशक्त माध्यम है.

मास्टरक्लास के जरिए मिलीं सिनेमा की बारीकियां

कार्यक्रम के दौरान आयोजित मास्टरक्लास में फिल्म निर्माण के इच्छुक विद्यार्थियों और युवाओं को विशेषज्ञों द्वारा कहानी कहने की कला, निर्देशन और सिनेमा के सामाजिक प्रभावों से रूबरू कराया गया. प्रतिभागियों ने विषय-विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर तकनीकी व रचनात्मक पहलुओं को समझा.

नई संभावनाओं का साझा मंच

संस्थान की स्थापना से पूर्व हुए इस आयोजन को स्थानीय कलाकारों, विद्यार्थियों और सिनेप्रेमियों ने राज्य में सिनेमा के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम बताय. दर्शकों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि झारखंड में सार्थक और विषयपरक सिनेमा के प्रति गहरी रुचि और एक सजग दर्शक वर्ग मौजूद है [cite: स्क्रीनिंग के बाद हुई चर्चाओं में दर्शकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा।, कार्यक्रम ने यह एहसास कराया कि झारखंड में न केवल फिल्मों और फिल्म निर्माण को लेकर उत्साह है, बल्कि यहां एक ऐसे दर्शक वर्ग की भी मौजूदगी है जो सार्थक और विषयपरक सिनेमा को देखने, समझने और उस पर चर्चा करने के लिए तैयार है.

 

 

 

यह भी पढ़े: भाजपा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही, उसके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे : Vinod Pandey

Exit mobile version