भाजपा नेता आदित्य साहू का कांग्रेस पर हमला, बोले- संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाया गया
रांची: भाजपा नेता आदित्य साहू ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और विपक्षी दलों के निर्वाचन आयोग समेत अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर देश की जनता को गुमराह करने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया।
आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस की ओर से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर लगाए गए आरोपों को लेकर आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके मुताबिक, आयोग ने कहा है कि SIR समेत अन्य फैसलों को लेकर उसके भीतर किसी तरह का मतभेद नहीं था और निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे।
अधिकारी की प्रतिनियुक्ति से जुड़ा था पत्र: आदित्य साहू
भाजपा नेता ने कहा कि कैबिनेट सचिव को निर्वाचन आयोग की ओर से भेजा गया पत्र किसी आंतरिक विवाद से संबंधित नहीं था। उनके अनुसार, यह पत्र एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति से जुड़ा हुआ था।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने एक मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाकर निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है।
EVM को लेकर कांग्रेस पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदित्य साहू ने EVM को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी नतीजों के आधार पर विपक्ष कभी EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है और कभी उसी व्यवस्था के तहत मिले परिणामों को स्वीकार करता है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन से जुड़े नेता कई मौकों पर संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं।
राफेल और सर्जिकल स्ट्राइक का भी किया जिक्र
आदित्य साहू ने राफेल सौदे और सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े पुराने राजनीतिक विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने राहुल गांधी पर इन मुद्दों को लेकर सरकार और संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस के उन बयानों और आरोपों को जनता के सामने रखना चाहती है, जिन्हें वह संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जोड़कर देखती है।
हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए कांग्रेस और राहुल गांधी से संबंधित आरोप भाजपा नेता के राजनीतिक दावे हैं। इन पर कांग्रेस का पक्ष अलग हो सकता है।
