Ranchi: Aditya Sahu ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि SIR के नाम से कांग्रेस में जिस तरह की बेचैनी दिखाई दे रही है, उसकी असली वजह फर्जी वोटरों का वोट बैंक बचाना है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं, बल्कि चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर चलाया जाने वाला एक नियमित और संवैधानिक अभियान है।
“फर्जी वोटरों को बचाने की कोशिश कर रही कांग्रेस”: Aditya Sahu
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल SIR का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इससे फर्जी और अपात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हट सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनता समझ रही है कि विपक्ष की घबराहट की असली वजह क्या है। भाजपा नेता के मुताबिक कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
“SIR चुनाव सुधार प्रक्रिया का हिस्सा”: Aditya Sahu
Aditya Sahu ने कहा कि SIR देश की चुनाव सुधार प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और आजादी के बाद से अब तक यह कई बार कराया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश SIR अभियान उस दौर में हुए जब केंद्र में कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों की सरकार थी। ऐसे में अब इस प्रक्रिया पर सवाल उठाना राजनीतिक दोहरापन दर्शाता है।
मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया समझाई: Aditya Sahu
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति फर्जी तरीके से मतदाता सूची में शामिल न हो सके। उन्होंने बताया कि
- नए मतदाता जोड़ने के लिए फॉर्म-6
- नाम हटाने के लिए फॉर्म-7
- सुधार के लिए फॉर्म-8
का प्रावधान किया गया है।
“वास्तविक मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं”: Aditya Sahu
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में किसी वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा। उन्होंने कहा कि घबराहट केवल उन राजनीतिक दलों में है जिनका वोट बैंक फर्जी मतदाताओं पर आधारित है।
शशि थरूर के बयान का भी किया जिक्र
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता Shashi Tharoor के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने खुद माना है कि SIR से केरल में कांग्रेस को फायदा हुआ था क्योंकि फर्जी मतदाताओं के नाम हटे थे। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि SIR को लेकर Rahul Gandhi केवल भ्रम और प्रोपेगेंडा की राजनीति कर रहे हैं।


