रांची: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री Dipika Pandey Singh ने स्पष्ट कहा है कि झारखंड की ग्रामीण महिलाएं अब सिर्फ भागीदारी नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी। राजधानी रांची में Jharkhand State Livelihood Promotion Society द्वारा आयोजित ‘ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण’ विषयक राउंड टेबल मीटिंग में उन्होंने यह बात कही।
“सिर्फ आजीविका नहीं, प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार”: Dipika Pandey Singh
मंत्री दीपिका ने कहा:
- सरकार महिलाओं को केवल आजीविका तक सीमित नहीं रखना चाहती
- उन्हें प्रतिस्पर्धी माहौल में खड़ा करने की तैयारी की जा रही है
- ग्रामीण महिलाओं में लीडरशिप क्वालिटी विकसित करने पर काम हो रहा है
32 लाख महिलाएं बदल रहीं समाज की तस्वीर: Dipika Pandey Singh
- राज्य में SHG (स्वयं सहायता समूह) से जुड़ी करीब 32 लाख महिलाएं सक्रिय हैं
- ये महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार बल्कि समाज के भविष्य को भी आकार दे रही हैं
पर्यावरण में भी महिलाओं की बड़ी भूमिका: Dipika Pandey Singh
- बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत महिलाओं ने लगभग 2.75 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड बनाया
- यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिला भागीदारी का बड़ा उदाहरण बनी
अधिकारों को भी मिल रहा संरक्षण: Dipika Pandey Singh
मंत्री ने बताया कि:
- पेसा नियमावली में महिलाओं के अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं
- पंचायत स्तर पर उनकी भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है
कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां शामिल
इस अवसर पर कई जानी-मानी हस्तियों ने अपने विचार साझा किए, जिनमें शामिल रहे:
- Pam Rajput
- Supriya Shrinate
- Shilpi Neha Tirkey
- Louis Marandi
- Shweta Singh
- Chami Murmu
- Chutni Mahato
क्या संकेत मिलते हैं?
- झारखंड में महिला सशक्तिकरण अब नई दिशा में बढ़ रहा है
- ग्रामीण महिलाएं अब निर्णय लेने वाली भूमिका में नजर आएंगी
- सरकार का फोकस “लाइवलीहुड से लीडरशिप” की ओर शिफ्ट हो रहा है
यह साफ है कि झारखंड में ग्रामीण महिलाएं अब सिर्फ सहभागी नहीं, बल्कि विकास की अगुवाई करने वाली शक्ति बनने जा रही हैं।
