असम विधानसभा चुनाव के बीच प्रचार तेज है, लेकिन इसी दौरान झारखंड की गांडेय विधायक Kalpana Soren के कार्यक्रम में प्रशासनिक अड़चन का मामला सामने आया है। हेलीपैड की अनुमति नहीं मिलने के कारण वे तय जनसभाओं में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो सकीं।
तीन जगह सभा थी, लेकिन नहीं पहुंच पाईं: Kalpana Soren
रविवार को Kalpana Soren को असम के खुमताई, नहरकटिया और मार्गेरीटा विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभाएं करनी थीं। लेकिन प्रशासन द्वारा हेलीपैड की स्वीकृति नहीं दिए जाने की वजह से उनका दौरा प्रभावित हो गया। उन्होंने खुद इस बात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर साझा की।
फोन के जरिए जनता से जुड़ीं: Kalpana Soren
हालांकि कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया। सड़क मार्ग से मार्गेरीटा पहुंचने के दौरान उन्होंने खुमताई और नहरकटिया की सभाओं को फोन के जरिए संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से संवाद किया और चुनावी संदेश भी दिया।
सरकार पर लगाया बड़ा आरोप: Kalpana Soren
Kalpana Soren ने इस पूरे मामले को लेकर असम सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक बाधा नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से आवाज दबाने की कोशिश है। उनका कहना था कि
- सत्ता पक्ष उनके अभियान को रोकना चाहता है
- जनता तक संदेश पहुंचने से रोकने की कोशिश की जा रही है
- लेकिन ऐसी रुकावटें आंदोलन को नहीं रोक सकतीं
उन्होंने साफ कहा कि “हेलीकॉप्टर रोका जा सकता है, लेकिन जनता की आवाज नहीं दबाई जा सकती।”
चुनावी माहौल में बढ़ा सियासी तापमान
इस घटना के बाद असम चुनावी माहौल और गरमा गया है। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों में बाधा बता रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
असम चुनाव प्रचार के बीच सामने आया यह मामला सिर्फ एक कार्यक्रम रद्द होने का नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव और चुनावी रणनीति का हिस्सा बनता दिख रहा है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे का चुनावी माहौल पर कितना असर पड़ता है और जनता इसे किस नजर से देखती है।
