
कोयलांचल धनबाद में कृषि क्रांति, बंजर धरती पर उग रहे जापान के मियाज़ाकी और थाईलैंड के बनाना मैंगो
Dhanbad: कोयले की राजधानी के रूप में पहचाने जाने वाला Dhanbad अब कृषि क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। जिस धरती को कभी सिर्फ खनन और कोयले के लिए जाना जाता था, वहीं अब दुनिया के सबसे महंगे और विदेशी फलों की खेती हो रही है। धनबाद के युवा किसान Ravi Nishad ने जापान के प्रसिद्ध मियाज़ाकी आम और थाईलैंड के बनाना मैंगो की सफल खेती कर पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
प्रयोग से शुरू हुई सफलता की कहानी
इस अनोखी पहल की शुरुआत भूली स्थित 8 लेन सड़क के पास संचालित Dharati Maa Foundation Research Center से हुई। शुरुआत में रवि निषाद ने प्रयोग के तौर पर कुछ विदेशी पौधे लगाए थे। बेहतर परिणाम मिलने के बाद उन्होंने बड़े स्तर पर खेती शुरू की।
वर्तमान में शक्ति चौक स्थित अपनी जमीन पर उन्होंने मियाज़ाकी आम के 150 से अधिक पौधे लगाए हैं। इन पौधों में अब फल आने शुरू हो गए हैं, जिससे किसानों और कृषि विशेषज्ञों में उत्साह बढ़ा है।
लाखों रुपये किलो बिकता है मियाज़ाकी आम
जापान का मियाज़ाकी आम दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है। वहीं थाईलैंड का बनाना मैंगो भी अपनी अलग बनावट और स्वाद के कारण बेहद लोकप्रिय है।
रवि निषाद का कहना है कि झारखंड की जलवायु इन विदेशी फलों की खेती के लिए उपयुक्त है। यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक बागवानी तकनीक अपनाएं, तो उनकी आय कई गुना बढ़ सकती है।
किसानों को एक रुपये में मिल रहा प्रशिक्षण
रवि निषाद अपनी इस सफलता को सिर्फ खुद तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनकी संस्था किसानों और युवाओं को मात्र एक रुपये के टोकन शुल्क पर आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दे रही है। अब तक 17 हजार से अधिक किसान इस पहल से जुड़ चुके हैं।
संस्था स्कूल के बच्चों को भी पर्यावरण और पौधरोपण के प्रति जागरूक कर रही है। अब तक 3 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और भविष्य में एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
सेहत के लिए भी फायदेमंद है मियाज़ाकी आम
बीएसके कॉलेज मैथन की असिस्टेंट प्रोफेसर Dr. Ishita Bhattacharya ने बताया कि मियाज़ाकी आम पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन A, विटामिन C, पोटैशियम और एंथोसायनिन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और दिल को स्वस्थ रखने में मददगार हैं।
कृषि वैज्ञानिकों ने की सराहना
Dr. Adarsh Srivastava ने रवि निषाद के प्रयास को धनबाद में नई हरित क्रांति की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र में इस तरह की आधुनिक बागवानी खेती किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
रिसर्च सेंटर में आम के अलावा काजू, अनार, लीची, संतरा और कई अन्य फलदार पौधों की भी खेती की जा रही है। यहां उगाया जा रहा “फूल झाड़ू” पौधा भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।



