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RIMS में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप: वित्त मंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने लगाई फटकार

वित्त मंत्री और स्वास्थ्य सचिव का औचक दौरा, 20 दिन में सुधार का अल्टीमेटम

झारखंड की राजधानी रांची स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स का औचक निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान ट्रॉमा सेंटर, सेंट्रल इमरजेंसी, क्रिटिकल केयर विभाग और आईसीयू की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

खाली बेड देखकर अधिकारियों ने जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान आईसीयू में कई स्थानों पर बेड नहीं मिलने पर वित्त मंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने रिम्स प्रशासन से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यकारी निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा से पूछा कि मरीजों की भीड़ के बावजूद बेड खाली क्यों हैं। इस पर अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पुराने बेड खराब होने के कारण हटाए गए हैं और नए बेड की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

वेंटिलेटर खरीद में देरी पर फटकार

स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जीवन रक्षक उपकरणों, विशेषकर वेंटिलेटरों की खरीद में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। रिम्स प्रशासन ने बताया कि 13 नए वेंटिलेटर खरीदने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही उन्हें अस्पताल में स्थापित कर दिया जाएगा।

क्रिटिकल केयर विभाग का होगा विस्तार

रिम्स प्रशासन ने अधिकारियों को बताया कि परिसर में स्थित बीएसएनएल की जर्जर इमारत को हटाकर वहां 16 नए आईसीयू बेड स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया गया है, जिससे गंभीर मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ेगी।

15-20 दिनों में सुधार के निर्देश

स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी रिम्स गवर्निंग बॉडी की बैठक से पहले सभी कमियों को दूर किया जाए। उन्होंने 15 से 20 दिनों के भीतर बेड, उपकरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया।

जर्जर भवन हटाकर बनेंगे आधुनिक चिकित्सा भवन

निरीक्षण के बाद विभागाध्यक्षों के साथ हुई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने रिम्स परिसर के जर्जर और अनुपयोगी भवनों को जल्द ध्वस्त कर आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के निर्माण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत रिम्स को झारखंड का अग्रणी संस्थान बनना है, इसलिए अस्पताल की व्यवस्था में व्यापक सुधार जरूरी है।

पलामू के पीड़ित परिवार से मिले मंत्री

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पलामू के उस परिवार का भी हाल जाना, जिसके कई सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं। इलाज के दौरान सोमवार को परिवार के पांचवें सदस्य की भी मौत हो गई, जबकि एक महिला अब भी वेंटिलेटर पर भर्ती है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और चिकित्सकों को महिला के बेहतर इलाज के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया।

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