झारखंड के किसानों के लिए सरकार का नया रोडमैप, हर जिले में मिलेगा बीज; रांची-जमशेदपुर-देवघर में खुलेंगे मिलेट कैफे
Ranchi: झारखंड में खरीफ सीजन के बीच खेती को रफ्तार देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने नई रणनीति तैयार की है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को खेती के लिए जरूरी संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाए। योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में खरीफ फसलों की स्थिति, मक्का की बुआई, बीज की उपलब्धता और झारखंड मिलेट मिशन की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने मांग के अनुसार जिलों में पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
झारखंड में 65% से अधिक क्षेत्र में मक्का की बुआई
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में मक्का की खेती तेजी से आगे बढ़ रही है और अब तक निर्धारित क्षेत्र के 65 प्रतिशत से अधिक हिस्से में बुआई पूरी हो चुकी है।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में मक्का बीज की मांग अधिक है, वहां अतिरिक्त बीज तत्काल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बीज की कमी के कारण किसी भी किसान की खेती प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
हर जिले में बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश
कृषि विभाग को जिलावार बीज की मांग और उपलब्धता की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। जहां मांग अधिक है, वहां जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बीज भेजे जाएंगे।
सरकार का फोकस इस बात पर है कि खरीफ सीजन के महत्वपूर्ण समय में किसानों को बीज और अन्य जरूरी कृषि संसाधनों के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
Jharkhand Millet Mission से जुड़े 22,729 किसान
बैठक में झारखंड मिलेट मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मिशन के तहत अब तक 22,729 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है।
मंत्री ने पंजीकरण अभियान में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक किसानों को मिलेट यानी मोटे अनाज की खेती से जोड़ा जाए।
रांची, जमशेदपुर और देवघर में खुलेंगे आधुनिक मिलेट कैफे
राज्य सरकार अब मिलेट का उत्पादन बढ़ाने के साथ इसके लिए बाजार तैयार करने पर भी फोकस कर रही है। इसी कड़ी में रांची, जमशेदपुर और देवघर में आधुनिक मिलेट कैफे स्थापित करने की योजना है।
इन मिलेट कैफे में मोटे अनाज से तैयार विभिन्न उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं के बीच मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ाने के साथ किसानों को अपनी उपज के लिए नया बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
उत्पादन के साथ किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि योजनाओं का उद्देश्य केवल खेती का रकबा और उत्पादन बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने की दिशा में भी काम किया जाए।
सरकार का मानना है कि बीज की समय पर उपलब्धता, मिलेट मिशन का विस्तार और कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार विकसित होने से राज्य के किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
