बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर में आज का दिन बेहद खास और गौरवपूर्ण होने जा रहा है। भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu आज अंतरराष्ट्रीय Nalanda University के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार इसे विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर में आयोजित किया जा रहा है।
ज्ञान की धरती पर राष्ट्रपति का पहला दौरा: Droupadi Murmu
बतौर राष्ट्रपति यह द्रौपदी मुर्मू का नालंदा का पहला दौरा है। इस मौके पर वह मेधावी छात्र-छात्राओं को डिग्रियां और स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी। साथ ही उनके संबोधन से देश-विदेश से आए विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
हाईटेक एम्फीथिएटर ‘विश्वमित्रालय’ का उद्घाटन: Droupadi Murmu
राष्ट्रपति इस दौरे के दौरान विश्वविद्यालय में बने 2,000 सीटों वाले अत्याधुनिक एम्फीथिएटर ‘विश्वमित्रालय’ का लोकार्पण भी करेंगी। यह हाईटेक सभागार भविष्य में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।
इसके अलावा वह विश्वविद्यालय की विशेष पत्रिका ‘मंजिरी’ का विमोचन करेंगी, जिसमें पूर्व छात्रों के अनुभव और संस्थान की उपलब्धियों को समाहित किया गया है। वहीं, ‘दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र’ का भी औपचारिक शुभारंभ होगा, जिसकी नींव Narendra Modi ने रखी थी।
ऐतिहासिक विरासत से रूबरू होंगी राष्ट्रपति: Droupadi Murmu
कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति नालंदा के प्राचीन खंडहरों का भी दौरा करेंगी। ये वही स्थान हैं, जो कभी दुनिया के सबसे बड़े ज्ञान केंद्र के रूप में प्रसिद्ध थे। यह दौरा भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करने का प्रतीक माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय रंग में रंगा दीक्षांत समारोह
आज का यह समारोह ‘मिनी वर्ल्ड’ की झलक पेश करेगा, जहां भारत के अलावा अर्जेंटीना, वियतनाम, केन्या, थाईलैंड और सर्बिया जैसे कई देशों के छात्र हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान 10 पीएचडी शोधार्थियों समेत 36 मेधावियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे राजगीर को सुरक्षा के लिहाज से किले में तब्दील कर दिया गया है। हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और यातायात व्यवस्था में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं।



