Hemant Soren: कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से उद्योगपति गौतम अदाणी को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से जोड़कर राजनीतिक हमले करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में अदाणी समूह के अध्यक्ष उद्योगपति श्री @gautam_adani ने औपचारिक मुलाकात की । इस मौके पर झारखण्ड में निवेश से संबंधित कई विषयों पर हुई चर्चा। pic.twitter.com/oEd8i0SFuV
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) March 28, 2025
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी कई मौकों पर केंद्र सरकार पर अदाणी समूह को फायदा पहुंचाने के आरोप लगा चुके हैं। हाल ही में, अदाणी समूह के प्रमुख गौतम अदाणी ने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में हेमंत सोरेन से बंद कमरे में लंबी मुलाकात की, जिसके बाद से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
इस मुलाकात को लेकर भाजपा ने राज्य की सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस से सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस और झामुमो पहले अदाणी समूह का विरोध करते थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अदाणी से मुलाकात सवाल खड़े करती है।
Hemant Soren News: कांग्रेस अदाणी के व्यवसाय का विरोध नहीं करती
दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि पार्टी अब भी वही रुख अपनाए हुए है, जो राहुल गांधी ने अदाणी समूह को लेकर व्यक्त किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अदाणी के व्यवसाय का विरोध नहीं करती, बल्कि उसे गलत तरीके से राष्ट्रीय संपत्ति सौंपे जाने का विरोध करती है।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो की दोहरी राजनीति अब जनता के सामने उजागर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि अदाणी और हेमंत सोरेन की मुलाकात से राज्य में निवेश का अवसर बनता है, तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस और झामुमो को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे अब तक इसका विरोध क्यों कर रहे थे।
Hemant Soren news: बजट सत्र में भी उठा था अदाणी को जमीन देने का मुद्दा
हाल ही में संपन्न हुए झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने गोड्डा स्थित अदाणी पावर प्लांट को दी गई जमीन के आवंटन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने इसे संताल परगना टेनेंसी एक्ट के उल्लंघन का मामला बताया था। इसके बाद गठबंधन सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर इस सौदे की जांच कराने का निर्णय लिया था।
अब, हेमंत सोरेन और गौतम अदाणी की मुलाकात के बाद भाजपा ने गठबंधन सरकार पर जनता को गुमराह करने और झूठ बोलने का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि झामुमो और कांग्रेस को अपने रुख में बदलाव का कारण जनता के सामने रखना चाहिए।
