SIR में 63.24 लाख वोटरों को नोटिस, बिना सुनवाई नहीं कटेगा किसी का नाम; 24 अगस्त से शुरू होगी प्रक्रिया
Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में दर्ज 2,21,01,249 मतदाताओं में से 63,24,116 नाम अलग-अलग कारणों से जांच के लिए चिन्हित किए गए हैं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ जांच के लिए चिन्हित किए जाने के आधार पर किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। संबंधित मतदाता को नोटिस दिया जाएगा, अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज जमा करने का अवसर मिलेगा। सक्षम अधिकारी की सुनवाई और आदेश के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
63.24 लाख वोटर किन कारणों से जांच के दायरे में?
चिन्हित मतदाताओं को तीन प्रमुख श्रेणियों में रखा गया है:
- नो मैपिंग: 14,03,205 मतदाता
- डेमोग्राफिकल सिमिलर एंट्री (DSE): 3,65,684 मतदाता
- लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी: 45,55,227 मतदाता
इनमें सबसे बड़ी संख्या तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं की है। इसमें नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण में अंतर तथा एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने जैसी स्थितियां शामिल हैं।
24 अगस्त से शुरू होगी सुनवाई
जिन मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा, उन्हें 24 अगस्त 2026 से अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर मिलेगा। नोटिस BLO के माध्यम से पहुंचाया जाएगा।
संबंधित मतदाता को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपनी जानकारी और दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
अगर कोई व्यक्ति पहली नोटिस पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसे दोबारा नोटिस दिए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेज और तथ्यों के आधार पर सक्षम अधिकारी निर्णय लेंगे।
दो दिवसीय विशेष कैंप में पहुंच रहे मतदाता
ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं होने या नाम-पते से जुड़ी किसी गलती को ठीक कराने के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।
इन कैंपों में मतदाता फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के जरिए नाम जोड़ने या विवरण में सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कई मतदान केंद्रों पर लोगों ने परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग वार्ड या बूथ में दर्ज होने तथा ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं दिखाई देने जैसी शिकायतें भी दर्ज कराई हैं।
BLO के सामने ट्रेसलेस वोटरों की चुनौती
SIR प्रक्रिया के दौरान BLO के सामने ऐसे मतदाताओं तक पहुंचना भी चुनौती बना हुआ है, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। कई मामलों में फोन के जरिए जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि प्रक्रिया के दौरान कोई पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हो।
18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को भी मौका
चुनाव आयोग ने उन युवाओं से भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की अपील की है, जो 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं या कर लेंगे।
ऐसे पात्र युवा निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, किसी भी मतदाता का नाम केवल सत्यापन के लिए चिन्हित होने के कारण नहीं हटाया जाएगा। प्रत्येक मामले में संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा और नियमों के अनुसार ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
SIR की पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि पात्र भारतीय नागरिकों का नाम सूची में बना रहे और अपात्र नामों की पहचान नियमानुसार की जा सके।
