डिजिटल होगी झारखंड पुलिस की कार्यशैली, E-Summon और E-Sakshya की दी गई ट्रेनिंग
रांची: नए आपराधिक कानूनों और डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच झारखंड पुलिस की कार्यशैली को भी डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में हजारीबाग पुलिस अकादमी में पुलिसकर्मियों के लिए नए आपराधिक कानूनों और डिजिटल पोर्टल्स को लेकर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को नए आपराधिक कानूनों के साथ-साथ E-Summon और E-Sakshya जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित करना है।
एक क्लिक में भेजा जा सकेगा E-Summon
प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को बताया जा रहा है कि E-Summon के जरिए किस तरह डिजिटल माध्यम से समन भेजा जा सकता है। इससे पारंपरिक प्रक्रिया पर निर्भरता कम करने और समन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं तेज बनाने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञ अधिकारी विश्वजीत कुमार और संदीप कौशिक पुलिसकर्मियों को इन डिजिटल प्रक्रियाओं के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दे रहे हैं।
E-Sakshya के जरिए डिजिटल साक्ष्य पर जोर
प्रशिक्षण में E-Sakshya पोर्टल के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिसकर्मियों को डिजिटल साक्ष्य को व्यवस्थित तरीके से जुटाने और संबंधित प्रक्रिया को समझने की जानकारी दी जा रही है।
डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका आपराधिक मामलों की जांच में लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को नई तकनीक और डिजिटल प्रक्रियाओं से परिचित कराना जांच प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए आपराधिक कानूनों की भी दी जा रही जानकारी
हजारीबाग पुलिस अकादमी में आयोजित इस कार्यशाला में नए आपराधिक कानूनों और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में भी पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए कानूनों और डिजिटल व्यवस्थाओं को पुलिस स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
जांच और न्याय प्रक्रिया को तेज करने पर फोकस
डिजिटल पोर्टल्स के प्रभावी इस्तेमाल से पुलिस की जांच प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कामों में तेजी लाने में मदद मिल सकती है।
हजारीबाग पुलिस अकादमी में आयोजित यह प्रशिक्षण झारखंड पुलिस को तकनीक आधारित और आधुनिक कार्यप्रणाली की ओर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
