BJP प्रभारी के आरोपों पर कांग्रेस का जवाब, राकेश सिन्हा ने रोजगार, आदिवासी हित और SIR पर घेरा

कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना, राकेश सिन्हा ने मांगा 11 साल का हिसाब

भाजपा के नए प्रभारी के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, राकेश सिन्हा बोले- पहले अपना रिपोर्ट कार्ड दें

रांची: भाजपा के नवनियुक्त झारखंड प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल के बयान को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने पलटवार किया है। झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को झारखंड की जनता को उपदेश देने से पहले अपने शासनकाल का रिपोर्ट कार्ड सामने रखना चाहिए।

राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास अपने काम गिनाने के लिए पर्याप्त मुद्दे नहीं हैं, इसलिए कांग्रेस और राज्य सरकार को निशाना बनाकर राजनीति की जा रही है।

रोजगार और युवाओं के मुद्दे पर भाजपा से सवाल

राकेश सिन्हा ने भाजपा से युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि उसके शासनकाल में युवाओं के लिए कितने रोजगार के अवसर पैदा हुए और भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या काम किया गया।

उन्होंने कहा कि युवा केवल भाषण नहीं, बल्कि रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चाहते हैं। कांग्रेस नेता ने भाजपा से रोजगार से जुड़े उसके वादों और काम का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर सबूत मांगें

भाजपा की ओर से भ्रष्टाचार को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी राकेश सिन्हा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति या सरकार पर आरोप लगाने से पहले उसके समर्थन में प्रमाण जनता के सामने रखे जाने चाहिए।

सिन्हा ने आरोप लगाया कि भाजपा का भ्रष्टाचार के खिलाफ रुख हमेशा एक जैसा नहीं रहा है और राजनीतिक सुविधा के अनुसार मुद्दे उठाए जाते हैं।

आदिवासी हित और घुसपैठ के मुद्दे पर भी सवाल

आदिवासी मुद्दे पर कांग्रेस नेता ने कहा कि झारखंड का आदिवासी समाज अपने अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और संविधान को लेकर जागरूक है। उन्होंने भाजपा से आदिवासी हितों को लेकर अपने काम का रिकॉर्ड सामने रखने को कहा।

घुसपैठ के मुद्दे पर भी सिन्हा ने भाजपा से ठोस आंकड़े और आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल आरोपों और राजनीतिक बयानों के आधार पर जनता के सामने बात रखने के बजाय तथ्य सामने आने चाहिए।

SIR को लेकर पारदर्शिता की मांग

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राकेश सिन्हा ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि किसी वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से न हटे।

उन्होंने भाजपा से राजनीतिक बयानबाजी के बजाय पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अपना स्पष्ट रुख बताने की मांग की।

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी भाजपा से जवाब मांगा

कानून-व्यवस्था को लेकर सिन्हा ने कहा कि अपराध गंभीर विषय है और सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि हर घटना को राजनीतिक बयानबाजी का विषय बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

उन्होंने भाजपा से महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर उसके शासन वाले राज्यों के रिकॉर्ड को भी जनता के सामने रखने की मांग की।

‘पहले भाजपा का रिपोर्ट कार्ड दें, फिर कांग्रेस से सवाल पूछें’

खनिज संपदा और झारखंड के अधिकारों के मुद्दे पर भी राकेश सिन्हा ने भाजपा से अपना स्पष्ट रुख सामने रखने को कहा।

उन्होंने कहा कि झारखंड केवल खनिज संसाधनों का प्रदेश नहीं है, बल्कि यहां जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अस्मिता भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।

सिन्हा ने कहा कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी को कांग्रेस पर आरोप लगाने के बजाय अपनी पार्टी का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने रोजगार, महंगाई, आदिवासी हित, झारखंड के अधिकार और केंद्र की योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर भाजपा से जवाब मांगा।

नोट: खबर में शामिल राजनीतिक आरोप और दावे संबंधित कांग्रेस नेता के बयान पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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