हजारीबाग में बढ़ा पर्यटन का आकर्षण, एक साल में 5.83 लाख पर्यटक पहुंचे; 106 विदेशी सैलानी भी आए
Hazaribagh: प्राकृतिक खूबसूरती, जंगल, पहाड़, झील, वन्यजीव और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक स्थलों की विविधता हजारीबाग को पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रही है। अब जिले में विदेशी पर्यटकों की आवाजाही भी दर्ज हो रही है। मई 2024 से अप्रैल 2025 के बीच हजारीबाग में कुल 5,83,768 पर्यटक पहुंचे। इनमें 106 विदेशी पर्यटक शामिल रहे।
5.83 लाख पर्यटकों में 106 विदेशी
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उक्त अवधि में हजारीबाग आने वाले पर्यटकों में 5,83,662 घरेलू और 106 विदेशी पर्यटक शामिल थे।
कुल पर्यटकों की तुलना में विदेशी सैलानियों की संख्या भले ही कम है, लेकिन यह आंकड़ा जिले के पर्यटन स्थलों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच की संभावना को दिखाता है। प्राकृतिक और वन्य पर्यटन स्थलों के कारण हजारीबाग में विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण मौजूद है।
जंगल, झील और पहाड़ हैं प्रमुख आकर्षण
हजारीबाग की खासियत यहां मौजूद पर्यटन स्थलों की विविधता है। जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में हजारीबाग झील, कैनेरी हिल, हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य और बरकट्ठा का सूर्यकुंड शामिल हैं।
शहर के बीच स्थित हजारीबाग झील पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है। यहां नौकायन की सुविधा भी उपलब्ध है। वहीं कैनेरी हिल शहर से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
वन्यजीव पर्यटन भी बड़ी पहचान
हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल है। यह करीब 186.25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।
अभयारण्य सड़क, रेल और हवाई संपर्क से जुड़ा है और यहां तीन प्रमुख प्रवेश द्वार बताए जाते हैं। प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों के कारण यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
इको-टूरिज्म की संभावनाओं पर जोर
हजारीबाग में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। वन विभाग की ओर से कैंपिंग, ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग, रॉक क्लाइंबिंग, वाटर स्पोर्ट्स और प्रकृति अध्ययन जैसी गतिविधियों को विकसित करने की संभावनाएं चिन्हित की गई हैं।
इसके अलावा स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं को पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दिया जा सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
कैनेरी हिल और दुधमटिया की भी अलग पहचान
कैनेरी हिल के अलावा दुधमटिया भी पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय परंपरा के लिए जाना जाता है। यहां 7 अक्टूबर 1995 से वृक्ष रक्षा की परंपरा चली आ रही है।
प्राकृतिक पर्यटन, वन्यजीव, स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्थलों की मौजूदगी हजारीबाग को इको-टूरिज्म के लिहाज से संभावनाओं वाला क्षेत्र बनाती है।
विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की संभावना
106 विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि हजारीबाग के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रचारित करने की गुंजाइश है।
बेहतर पर्यटन सुविधाएं, कनेक्टिविटी, स्थानीय संस्कृति का प्रचार और इको-टूरिज्म गतिविधियों का विस्तार होने से आने वाले समय में जिले में देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।
