बेवेल डायरेक्टर मिथिलेश सिंह और बेटे नवीन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, CID की छापेमारी जारी

JSSC-CGL धांधली केस में बेवेल डायरेक्टर मिथिलेश सिंह और बेटे नवीन पर NBW, गिरफ्तारी के लिए CID की दबिश

JSSC-CGL केस में बेवेल डायरेक्टर मिथिलेश सिंह और बेटे नवीन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, CID की छापेमारी जारी

Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने कार्रवाई तेज कर दी है। CID के अनुरोध पर ट्रायल कोर्ट ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी एजेंसी बेवेल के निदेशक मिथिलेश सिंह और उनके बेटे नवीन किशोर सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। वारंट जारी होने के बाद CID की SIT दोनों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

CID के अनुरोध पर जारी हुआ NBW

जांच एजेंसी के अनुरोध के बाद अदालत से दोनों के खिलाफ Non-Bailable Warrant (NBW) जारी होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद CID की टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

मामले की जांच में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों और एजेंसियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

उमेश राय से पूछताछ में सामने आया कनेक्शन

जांच के दौरान पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी उमेश राय से पूछताछ के आधार पर मिथिलेश सिंह और नवीन किशोर सिंह से उसके कथित संबंधों की जानकारी सामने आने की बात CID की जांच से जुड़ी रिपोर्ट में कही गई है।

जांच एजेंसी के अनुसार, तीनों के बीच रिश्तेदारी और कथित आपसी संपर्क की भी जांच की जा रही है। CID को संदेह है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं के पीछे एक संगठित नेटवर्क की भूमिका हो सकती है।

हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ जांच, वारंट या गिरफ्तारी को अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के रूप में नहीं देखा जा सकता। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

कई ठिकानों पर CID की छापेमारी

गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद CID की SIT ने मिथिलेश सिंह और नवीन किशोर सिंह की तलाश तेज कर दी है।

जांच टीम द्वारा राज्य के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी किए जाने की बात सामने आई है।

CID की जांच का फोकस परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, उससे जुड़े लोगों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझने पर है।

संपत्ति कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है

यदि वारंट के बावजूद दोनों आरोपी जांच एजेंसी की गिरफ्त में नहीं आते हैं, तो आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए CID अदालत का रुख कर सकती है। इसमें नियमानुसार संपत्ति कुर्की-जब्ती से संबंधित प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।

फिलहाल CID की SIT दोनों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।

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