हजारीबाग में जितिया पर महंगाई की मार, 400 रुपये किलो बिकी सतपुतिया; फल-सब्जियों के दाम बढ़े

जितिया पर महंगा हुआ बाजार: हजारीबाग में 400 रुपये किलो तक पहुंची सतपुतिया, कंदा-टोटी के दाम भी बढ़े

हजारीबाग में जितिया पर महंगाई की मार, 400 रुपये किलो बिकी सतपुतिया; फल-सब्जियों के दाम बढ़े

Hazaribagh: जीवित्पुत्रिका यानी जितिया पर्व को लेकर हजारीबाग के बाजारों में शनिवार को काफी चहल-पहल रही। व्रत और पूजा में इस्तेमाल होने वाली विशेष सब्जियों और फलों की मांग बढ़ने के साथ इनके दाम में भी तेजी देखने को मिली। सबसे ज्यादा चर्चा सतपुतिया की कीमत को लेकर रही, जो बाजार में 100 ग्राम के लिए करीब 40 रुपये तक बिकी। इस हिसाब से सतपुतिया की कीमत करीब 400 रुपये प्रति किलो बैठती है।

जितिया की खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़

जितिया पर्व को लेकर सुबह से ही बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखने को मिली। व्रत और पूजा के लिए जरूरी सामग्री के साथ महिलाएं और परिवार विशेष तौर पर उन सब्जियों और फलों की खरीदारी करते नजर आए, जिनका इस्तेमाल पर्व के दौरान किया जाता है।

मांग बढ़ने का असर बाजार में कई वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई दिया।

नोनिया साग की मांग बढ़ी

जितिया पर्व के पारंपरिक खान-पान में इस्तेमाल होने वाले नोनिया साग की मांग भी बढ़ गई। पर्व की जरूरतों को देखते हुए लोगों ने निर्धारित मात्रा में साग-सब्जियों की खरीदारी की।

बाजार में मांग बढ़ने के कारण इसकी कीमतों में भी सामान्य दिनों की तुलना में तेजी देखी गई।

कंदा 60 और टोटी 40 रुपये किलो

हजारीबाग के बाजार में कंदा करीब 60 रुपये किलो और टोटी करीब 40 रुपये किलो तक बिकी। वहीं टमाटर की कीमत भी करीब 60 रुपये प्रति किलो बताई गई।

जितिया पर्व के लिए एक साथ कई तरह की सब्जियां खरीदने के कारण परिवारों का कुल खर्च सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ गया।

फलों की कीमतों ने भी बढ़ाया खर्च

जितिया व्रत को लेकर फलों की मांग भी बढ़ी। सेब, केला, नाशपाती और अनार समेत अन्य फलों की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ रही।

व्रत और पूजा की सामग्री के साथ फल-सब्जियों की खरीदारी करने से लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा।

पर्व की जरूरतों के लिए कीमतों के बावजूद खरीदारी

जितिया पर्व से जुड़ी पारंपरिक जरूरतों के कारण लोग कीमतों में तेजी के बावजूद आवश्यक फल और सब्जियां खरीदते नजर आए। बाजारों में विशेष सब्जियों की मांग बढ़ने से उनके भाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहे।

सतपुतिया के 400 रुपये किलो तक पहुंचने की कीमत ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। वहीं कंदा, टोटी, नोनिया साग और फलों की खरीदारी ने भी पर्व के बजट को प्रभावित किया।

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