रांची में धुर्वा डैम की सफाई में उतरे CRPF के 125 अधिकारी-जवान, एक घंटे में बदली तस्वीर
‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत चला विशेष श्रमदान, DIG प्रभाकर त्रिपाठी ने किया नेतृत्व; डैम के घाट और आसपास के इलाकों से हटाया गया कचरा
रांची: राजधानी रांची के धुर्वा डैम के आसपास गुरुवार को स्वच्छता अभियान चलाया गया। राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत ग्रुप केंद्र, CRPF रांची की ओर से सुबह 8 बजे से 9 बजे तक विशेष श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के आह्वान पर आयोजित इस अभियान में CRPF के अधिकारी और जवान डैम के किनारे सफाई करने पहुंचे। इस दौरान डैम के घाट, तटवर्ती क्षेत्र और आसपास के रास्तों पर फैले प्लास्टिक कचरे, सूखे पत्तों, झाड़ियों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया गया।
DIG प्रभाकर त्रिपाठी ने किया नेतृत्व
अभियान का नेतृत्व ग्रुप केंद्र CRPF रांची के DIG प्रभाकर त्रिपाठी ने किया। उन्होंने खुद सफाई कर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद CRPF के अधिकारियों और जवानों ने मिलकर डैम के आसपास के क्षेत्रों की सफाई की।
DIG ने लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की अपील की।
125 अधिकारियों-जवानों ने किया श्रमदान
स्वच्छता अभियान में कुल 125 CRPF अधिकारी और जवान शामिल हुए। इनमें:
- 15 अधिकारी
- 48 अधीनस्थ अधिकारी
- 62 जवान
शामिल रहे।
सभी ने करीब एक घंटे तक श्रमदान कर धुर्वा डैम के घाट और आसपास के गंदे हिस्सों की सफाई की। एकत्र किए गए कचरे का सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया गया।
सफाई के बाद बदली डैम परिसर की तस्वीर
अभियान के बाद धुर्वा डैम के आसपास के कई हिस्से पहले की तुलना में साफ नजर आए। सफाई अभियान के जरिए स्थानीय लोगों के बीच भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में कमांडेंट आशीष कुमार झा, द्वितीय कमान अधिकारी अयोध्या सिंह, उप कमांडेंट कफील अहमद, उप कमांडेंट अमरजीत पंडित समेत अन्य राजपत्रित अधिकारियों ने भी श्रमदान किया।
राष्ट्र सुरक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
CRPF की ओर से कहा गया कि बल देश की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों और नागरिक अभियानों में भी अपनी भूमिका निभाता रहा है। ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ के तहत आयोजित यह अभियान भी इसी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
करीब एक घंटे चले इस अभियान का समापन सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ।
