Jharkhand की जनता को बताने के लिए कोई भी उपलब्धि इस शीतकालीन सत्र पर नहीं है

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन समापन के बाद नेता प्रतिपक्ष ने कई विषय बिंदुओं व्यक्त किया

Ranchi: Jharkhand विधानसभा अंतिम शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सत्र के समापन के बाद नेता प्रतिपक्ष में राज्य के कई विषय बिंदुओं एवं झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान हुए सारे कार्रवाई पर अपना मंतव्य शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन समापन के बाद व्यक्त किया.

Jharkhand की जनता को बताने के लिए कोई भी उपलब्धि इस शीतकालीन सत्र पर नहीं है

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि झारखंड विधानसभा का अंतिम शीतकालीन सत्र अपने साथ कई एक प्रश्न, विषयों और झारखंडी जनता के निराशा को प्रदर्शित करने वाला रहा राज्य सरकार जो अपनी सफलता का श्रेय ले रहे हैं और विफलता का सारे ठीकरे विपक्ष के माथे मड रहे है वर्तमान राज्य सरकार के पास झारखंड की जनता को बताने के लिए कोई भी उपलब्धि इस शीतकालीन सत्र पर नहीं है.

वही झारखंडी बेरोजगार युवाओं के विषय में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार युवाओं को किए गए सभी वादों में लगातार सफल रही है इसका जीता जागता उदाहरण अपने हक और आवाज के लिए संघर्षरत पंचायत स्वयंसेवक संघ के ऊपर दनात्मक कार्रवाई से उजागर हो गया है.

वर्तमान Jharkhand सरकार की कार्य प्रणाली जग जाहिर

वही पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के विषय में कहा कि वर्तमान राज्य सरकार बाबूलाल जी के मुद्दे और वाणी इतने प्रखर होते हैं इस कारण उन्हें नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं दिया गया जनजातीय नेता के तौर पर बाबूलाल जी सर्वमान्य और झारखंड के जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं और उनके बोलने से वर्तमान राज्य सरकार की कार्य प्रणाली जग जाहिर हो जाएगी इस कारण उन्हें बोलने से रोका गया.

आगामी चुनाव में वर्तमान राज्य सरकार के सत्ता में आने के विषय में नेता प्रतिपक्ष ने कहा की काठ की हांडी एक बार चलती है जो 2019 में चड चुकी है जो दोबारा फिर से पूर्णावित्ती नहीं होगी.

 

 

 

 

 

 

 

 

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