अंगदान से कई लोगों को मिल सकती है नई जिंदगी: रांची में कार्यशाला में बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि अंगदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अंगदान के प्रति जागरूक होने और समाज में इसके महत्व को समझने की अपील की।
मुख्यमंत्री मंगलवार को रांची के बारियातू रोड स्थित एक होटल में मोहन फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘Best Practices in Organ & Tissue Donation’ विषयक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अंगदान कई जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद और नई शुरुआत लेकर आ सकता है।
अंगदान को लेकर जागरूकता जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि Organ & Tissue Donation एक महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन इसके प्रति अभी भी समाज में पर्याप्त जागरूकता नहीं है। लोगों को इसके कानूनी, सामाजिक और चिकित्सकीय पहलुओं की जानकारी दी जानी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि अंगदान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।
परिवारों से संवाद बढ़ाने की जरूरत
हेमंत सोरेन ने कहा कि अस्पतालों में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके परिजनों से अंगदान के विषय में संवेदनशील तरीके से बातचीत की जानी चाहिए। सही जानकारी और जागरूकता से कई परिवार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय ले सकते हैं, जिससे अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है।
आधुनिक चिकित्सा में बढ़ी अंग प्रत्यारोपण की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज चिकित्सा क्षेत्र तेजी से तकनीक आधारित हो चुका है। रोबोटिक सर्जरी, लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रही हैं। झारखंड सरकार भी राज्य में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ झारखंड के निर्माण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और अंगदान जैसे विषयों पर जागरूकता अभियान को बढ़ावा दिया जाएगा।
कई विशेषज्ञ हुए शामिल
कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, मणिपाल ऑर्गन शेयरिंग के कंट्री हेड कर्नल अवनीश, मोहन फाउंडेशन की कंट्री हेड ललिता रघुराम, क्रिटिकल केयर मणिपाल के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार मिश्रा और कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. बी. कश्यप समेत कई विशेषज्ञ और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
