झारखंड में मानसून हुआ सक्रिय, अगले 5 दिनों तक बारिश और वज्रपात का अलर्ट

कई जिलों में भारी बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया अलर्ट

झारखंड में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 5 दिन बारिश के आसार; कई जिलों में वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट

रांची: झारखंड में मानसून अब धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।

30 जून से 2 जुलाई तक बढ़ेगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार 30 जून से 2 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। उत्तर-पूर्वी, मध्य और दक्षिणी झारखंड के कई जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी आशंका जताई गई है।

ऐसे मौसम में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदानों में नहीं जाने और वज्रपात के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए भी जारी की गई सलाह

मौसम विभाग ने किसानों से मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती-बाड़ी के कार्य करने की अपील की है। तेज बारिश और आंधी की संभावना को देखते हुए फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

रांची में रहेगा सुहाना मौसम

राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में अगले पांच दिनों तक बादल छाए रहने और एक-दो दौर की हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

अब तक सामान्य से 62 फीसदी कम बारिश

मानसून सक्रिय होने के बावजूद झारखंड में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 28 जून के बीच राज्य में सामान्य 170.3 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 65.5 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से 62 प्रतिशत कम है।

सबसे अधिक वर्षा की कमी गढ़वा (-99%), साहिबगंज (-98%) और चतरा (-90%) जिलों में दर्ज की गई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार बढ़ने से वर्षा के इस घाटे में कुछ कमी आ सकती है।

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