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16वें वित्त आयोग की बड़ी सौगात: झारखंड की पंचायतों को पांच साल में मिलेंगे 14,231 करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास को मिलेगी रफ्तार

16वें वित्त आयोग ने 2026-27 से 2030-31 तक झारखंड की पंचायती राज संस्थाओं के लिए 14,231 करोड़ रुपये की अनुदान राशि की अनुशंसा की है। इससे ग्रामीण विकास और पंचायतों की वित्तीय क्षमता को मजबूती मिलेगी।

झारखंड के ग्रामीण विकास को नई गति मिलने वाली है। 16वें वित्त आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक राज्य की पंचायती राज संस्थाओं के लिए 14,231 करोड़ रुपये की अनुदान राशि देने की अनुशंसा की है। इस राशि का उपयोग गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय विकास योजनाओं को गति देने और पंचायतों की कार्यक्षमता मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

बेसिक और टाइड ग्रांट से होगा विकास

वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार अनुदान राशि का बड़ा हिस्सा बेसिक ग्रांट के रूप में मिलेगा। इसमें दो प्रकार के अनुदान शामिल होंगे—

  • अनटाइड ग्रांट: ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं और ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के अनुसार इस राशि का उपयोग कर सकेंगी।
  • टाइड ग्रांट: इस राशि का उपयोग केवल निर्धारित विकास कार्यों पर किया जाएगा।

इन कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता

टाइड ग्रांट के माध्यम से निम्नलिखित कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा—

  • पेयजल व्यवस्था को मजबूत करना
  • जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन
  • स्वच्छता अभियान
  • ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन
  • खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति बनाए रखना
  • पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य

इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ टिकाऊ और स्वच्छ विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय जरूरतों के अनुसार खर्च की आजादी

अनटाइड ग्रांट पंचायतों को स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुसार विकास कार्य कराने की स्वतंत्रता देगा। इसके तहत—

  • ग्रामीण सड़कों और नालियों की मरम्मत
  • स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था
  • पंचायत भवनों का रखरखाव
  • सामुदायिक भवनों का निर्माण एवं मरम्मत
  • श्मशान और कब्रिस्तान का विकास
  • सार्वजनिक परिसंपत्तियों का संरक्षण

जैसे कार्य कराए जा सकेंगे।

वितरण का अंतिम फैसला राज्य सरकार करेगी

हालांकि, 14,231 करोड़ रुपये की इस राशि का जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के बीच किस अनुपात में वितरण होगा, इसका अंतिम निर्णय राज्य सरकार और संबंधित विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर लिया जाएगा।

माना जा रहा है कि इस अनुदान से झारखंड की पंचायतों को विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में बड़ी वित्तीय सहायता मिलेगी।

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