
शिक्षा, वोटर और अधिकार: झारखंड कांग्रेस ने तैयार किया नया राजनीतिक प्लान, इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी पार्टी
Ranchi: झारखंड कांग्रेस ने आगामी राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की विस्तारित बैठक के बाद पार्टी ने शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, वोटर लिस्ट, MMDR एक्ट, विस्थापन, FCRA और परिसीमन जैसे मुद्दों को लेकर अपनी आगे की रणनीति स्पष्ट की है। प्रदेश प्रभारी के. राजू ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में पार्टी के फैसलों की जानकारी दी।
कांग्रेस का कहना है कि वह सत्ता में गठबंधन की साझेदार होने के साथ-साथ जनता से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। पार्टी आने वाले दिनों में कई मुद्दों को लेकर सरकार और केंद्र के खिलाफ राजनीतिक अभियान चलाने की तैयारी में है।
JPSC-JSSC विवाद पर कांग्रेस की नजर
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस ने राज्य सरकार के हालिया फैसलों का समर्थन किया है। पार्टी की विस्तारित बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और सरकार के कैबिनेट सदस्यों को बधाई देने का प्रस्ताव पारित किया गया।
प्रदेश प्रभारी के. राजू के मुताबिक, कांग्रेस अब यह अध्ययन करेगी कि छात्रों से जुड़े फैसलों को जमीन पर किस तरह लागू किया जा रहा है। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम तैयार की जाएगी, जो परीक्षा व्यवस्था और छात्रों की मांगों के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी।
पार्टी का कहना है कि झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना उसके प्रमुख एजेंडों में शामिल होगा।
14 लाख अनमैप्ड वोटर्स पर डिजिटल रणनीति
कांग्रेस ने राज्य में करीब 14 लाख अनमैप्ड वोटर्स के मुद्दे को लेकर बूथ स्तर पर काम करने की रणनीति बनाई है। पार्टी के अनुसार इन मतदाताओं की जानकारी को बूथवार व्यवस्थित कर बीएलए तक पहुंचाया जाएगा।
बीएलए के माध्यम से संबंधित मतदाताओं से संपर्क कर उनकी मैपिंग सुनिश्चित करने की योजना है। इसके लिए SMS और डिजिटल लिंक जैसी तकनीक का इस्तेमाल करने की बात कही गई है।
‘बिरसा AI पोर्टल’ से बूथ स्तर पर निगरानी
कांग्रेस ने संगठनात्मक और चुनावी गतिविधियों को मजबूत करने के लिए ‘बिरसा AI पोर्टल’ तैयार करने की जानकारी दी है। पार्टी के अनुसार इसके जरिए SMS अलर्ट शुरू किए गए हैं।
विधायकों और जिला अध्यक्षों को उनके क्षेत्र की राजनीतिक एवं चुनावी स्थिति की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराने की भी योजना है।
MMDR एक्ट के खिलाफ आंदोलन की तैयारी
MMDR एक्ट को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ झारखंड में आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आंदोलन के स्वरूप को लेकर सुझाव लिए गए हैं।
कांग्रेस का तर्क है कि खनिज संपदा से जुड़े कानूनों में बदलाव का राज्य के अधिकारों और राजस्व पर असर पड़ सकता है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर राज्य में व्यापक राजनीतिक अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।
विस्थापन और जमीन के अधिकार का मुद्दा
विस्थापन के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट किया है। पार्टी का कहना है कि भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 को प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय रैयतों और आदिवासियों के जमीन संबंधी अधिकार सुरक्षित रह सकें।
कांग्रेस का जोर है कि विकास परियोजनाओं के नाम पर स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
FCRA संशोधन को लेकर भी विरोध
FCRA से जुड़े प्रस्तावित बदलावों को लेकर कांग्रेस ने चिंता जाहिर की है। पार्टी का मानना है कि यदि प्रस्तावित संशोधन लागू होते हैं तो अल्पसंख्यक संस्थानों पर इसका असर पड़ सकता है।
प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा कि कांग्रेस ऐसे संस्थानों से बातचीत करेगी और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।
परिसीमन को लेकर आदिवासी सीटों के संरक्षण की तैयारी
परिसीमन का मुद्दा भी कांग्रेस की रणनीति में प्रमुख स्थान पर है। पार्टी को आशंका है कि यदि भविष्य में केवल जनसंख्या के आधार पर परिसीमन किया गया तो झारखंड में आदिवासी आरक्षित सीटों का अनुपात प्रभावित हो सकता है।
कांग्रेस का कहना है कि इससे आदिवासी समुदाय की राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। पार्टी ने आदिवासी सीटों के संरक्षण के लिए सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन की तैयारी का संकेत दिया है।
कई मोर्चों पर सक्रिय होगी कांग्रेस
शिक्षा और रोजगार से लेकर वोटर लिस्ट, खनिज अधिकार, विस्थापन और परिसीमन तक कांग्रेस ने आने वाले दिनों के लिए कई राजनीतिक मुद्दे तय कर लिए हैं। अब देखना होगा कि पार्टी इन मुद्दों को कितनी मजबूती से जमीन पर उठाती है और गठबंधन सरकार के भीतर रहते हुए सरकार की नीतियों पर उसकी भूमिका किस तरह सामने आती है।



