
Ranchi: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य सरकार के फैसलों को छात्र हित में ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर छात्रों के भविष्य के साथ छल किया गया, लेकिन हेमंत सोरेन सरकार जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि JPSC-14, बैकलॉग 2023-2025, JSSC-CGL और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला छात्रों के हित में लिया गया है। साथ ही सरकार अब 2014 से अब तक हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं की जांच कराने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।
राहुल गांधी के समर्थन का भी किया जिक्र
मंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का झारखंड में आंदोलनरत छात्रों को समर्थन और राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। उनके मुताबिक, सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में काम कर रही है।
परीक्षा व्यवस्था में होगा सुधार
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य में बेहतर और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करना सरकार की प्राथमिकता है। परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव और सुधार को लेकर सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से गठित रिफॉर्म कमेटी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों, बुद्धिजीवियों और छात्रों के सुझावों को शामिल करते हुए आगे की व्यवस्था तैयार करेगी।
छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार संवेदनशील: दीपिका
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अवसर मिले और परीक्षा में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार का यह प्रयास राज्य के छात्रों और युवाओं के भविष्य के प्रति गठबंधन सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।



