प्रयागराज, 29 जनवरी 2025: मौनी अमावस्या के शुभ अवसर पर Mahakumbh में उमड़ी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 60 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं।
इस हादसे में झारखंड के पलामू की एक महिला की भी मौत हो गई है।
Mahakumbh Stampede: मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने इस हादसे की न्यायिक जांच (जुडिशियल इन्क्वॉयरी) के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
Mahakumbh Stampede: कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, मौनी अमावस्या पर संगम तट पर लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान एक संकरी गली में अचानक अफवाह फैलने से भीड़ में अफरा-तफरी मच गई, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। कई लोग दबकर गिर पड़े, और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह भी पढ़े: Bihar में सीएम और मंत्रियों को नहीं मिल रही सैलरी, जानें हैरान करने वाली वजह
मृतकों की पहचान जारी
अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। झारखंड के पलामू जिले की एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य घायलों में भी कई राज्यों के श्रद्धालु शामिल हैं।
Mahakumbh Stampede: प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा बढ़ाई गई
हादसे के बाद प्रशासन ने महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। भारी पुलिस बल और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं ताकि आगे किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा
उत्तर प्रदेश सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है, और महाकुंभ मेले की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
यह भी पढ़े: पूर्व विधायक Anant Singh ने बाढ़ कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, पुलिस थी गिरफ्तारी के लिए तैयार
